Published On : Tue, Sep 3rd, 2019

स्मगलिंग के लिए गर्लफ्रेंड के जरिए कर रहा था तस्करी

नागपुर: पुलिस की नजर से बचने के लिए ड्रग्स स्मगलर अब नए-नए हथकंडे अपनाने लगे हैं. इसके पहले भी एमडी बेचने के मामले में पकड़े गए बंटी बग्गा ने स्मगलिंग के लिए अपनी गर्लफ्रेंड को काम पर लगाया. सारा धंधा उसी के नंबरों से आपरेट हो रहा था. पुलिस ने सोमवार को बंटी और उसकी गर्लफ्रेंड को नागपुर में आते ही गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से 25 ग्राम एमडी (मेफेड्रॉन ड्रग्स) भी बरामद किया गया है. पकड़े गए आरोपियों में न्यू सूरजनगर, वाठोड़ा रिंग रोड निवासी बंटी बग्गा शेरू अहमद खान (27) और गोलबा रेसीडेंसी उदयनगर निवासी शिवानी नंदू बनाईत (20) का समावेश है.

बंटी बग्गा को लगभग 1 वर्ष पहले एनडीपीएस सेल ने एमडी के साथ गिरफ्तार किया था. शहर के बड़े ड्रग्स माफियाओं में उसका नाम है. कुछ महीनों में ही उसे जमानत मिल गई और जेल से बाहर आकर उसने दोबारा धंधा शुरू कर दिया. पुलिस उस पर लगातार नजर बनाए हुए थी. इस दौरान पुलिस को मुजाहिद के पास एमडी होने की जानकारी मिली. उसके साथ शिवानी भी सक्रिय होने की पुष्टि हुई. पुलिस ने मुजाहिद को तो पकड़ लिया, लेकिन शिवानी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं मिला. मुजाहिद के जेल जाने के बाद शिवानी बंटी बग्गा के साथ सक्रिय हो गई.

बस से उतरते ही दबोचा
बंटी उसी के जरिए मुंबई के ड्रग माफियाओं से संपर्क में था. लगभग डेढ़ सप्ताह पहले पुलिस ने मुंबई से आए ड्रग माफिया के डिलेवरी ब्वाय सुशांत तांबे को पकड़ा था. सुशांत ने पुलिस को बताया था कि वह बंटी के लिए माल लेकर आता है. लगातार पुलिस बंटी और शिवानी के पीछे लगी थी. सोमवार को पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों ट्रैवल्स बस में नागपुर आ रहे हैं. भोले पेट्रोल पंप चौक पर बस से उतरते ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया. पंचों के समक्ष दोनों की तलाशी ली गई. बंटी के पास 20 ग्राम और शिवानी के पर्स में 5 ग्राम एमडी बरामद हुई. दोनों के खिलाफ सीताबर्डी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.

मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा. डीआईजी नीलेश भरणे, डीसीपी गजानन राजमाने और एसीपी सुधीर नंदनवार के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर राजेंद्र निकम, एपीआई विजय कसोधन, पीएसआई पी.डी. गोदमले, हेड कांस्टेबल दत्ता बागुल, तुलसीदास शुक्ला, प्रदीप पवार, कांस्टेबल सतीश पाटिल, नितिन रांगणे, नितिन मिश्रा, नितिन सालुंखे, अनुसया भोंगाड़े और रूबीना शेख ने कार्रवाई को अंजाम दिया.