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    Published On : Tue, Jan 19th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदियाः 20 हजार की रिश्‍वत लेते पकड़ी गई 2 महिला अधिकारी

    कम्प्यूटर प्रशिक्षण फर्म के मालिक की शिकायत पर एसीबी की कार्रवाई

    गोंदिया : एसीबी टीम ने आईएमजी कम्प्यूटर फर्म के मालिक से 20 हजार रूपये की रिश्‍वत मांगने और स्वीकार करने के लिए महिला बाल विकास प्रकल्प अधिकारी एंव आंगणवाड़ी पर्यवेक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। फर्म के मालिक की शिकायत पर एसीबी ने मामला दर्ज किया है।

    गौरतलब है कि, जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होती जा रही है, एैसा कोई दफ्तर नहीं बचा जहां बिना चढ़ावे के फाइल सरकती है।

    एक दिन पूर्व ही 15 हजार रूपये की रिश्‍वत लेते हवलदार एसीबी के हत्थे चढ़ा था, इस प्रकरण की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि, 2 महिला अधिकारी भ्रष्टाचार विभाग के जाल में फंस चुकी है।

    क्या है मामला..?
    उल्लेखनीय है कि, महिलाओं एंव बालिकाओं के समग्र विकास के लिए महिला एंव बाल विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जाती है। इसी के तहत शिकायतकर्ता की आयएमजी कम्प्युटर एज्युकेशन के माध्यम से जिला परिषद गोंदिया के महिला व बाल कल्याण विभाग द्वारा व्यक्तिगत लाभ योजना के तहत अनुसूचित जाति-जमाति प्रवर्ग की लड़कियों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, इसके लिए शिकायतकर्ता की ओर से बकायदा महाराष्ट्र ज्ञान महामंडल (पुणे) में कुल 35 लाभार्भियों का प्रशिक्षण शुल्क ऑनलाइन जमा कराया गया है।

    उक्त शुल्क के भूगतान के संदर्भ में 30 दिसंबर 2020 को फर्म के मालिक ने बालविकास प्रकल्प अधिकारी (तिरोड़ा) श्रीमती बावनकर से फोन पर संर्पक साधा जिसपर उन्होंने 35 लाभार्थियों के कम्प्यूटर प्रशिक्षण शुल्क के भूगतान संबंधी पत्र तैयार कर पंचायत समिति तिरोड़ा को भेजने के ऐवज में प्रति लाभार्थी 600 रूपये इस तरह कुल 21 हजार रूपये रिश्‍वत की डिमांड कर दी लेकिन फर्म संचालक यह चढ़ावे की रक्कम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा उसने 15 जनवरी 2021 को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग गोंदिया पहुंच शिकायत दर्ज करा दी।

    मामले की जांच पड़ताल के दौरान गैरअर्जदार बालविकास प्रकल्प अधिकारी श्रीमती अंजली बावनकर तथा एकात्मिक बालविकास सेवा योजना प्रकल्प कार्यालय (तिरोड़ा) की आंगणवाड़ी पर्यवेक्षिका श्रीमती उषा आगासे की ओर से प्रशिक्षण शुल्क के भूगतान के लिए अर्जदार से रिश्‍वत की डिमांड किए जाने की पुष्टि हुई जिसके बाद 19 जनवरी मंगलवार को एसीबी टीम की ओर से सफल कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रकल्प अधिकारी एंव आंगणवाड़ी पर्यवेक्षिका को मोलभाव पश्‍चात 20 हजार रूपये की रिश्‍वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया।

    रिश्‍वतखोरी के इस मामले में अब दोनों आरोपी महिला अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम 1988 (सुधारित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।

    उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मी नांदेडकर, अपर पुलिस अधीक्षक मिलिंद तोतरे (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, सउपनि शिवशंकर तुंबड़े, पो.ह. राजेश शेंद्रे, नापोसि नितिन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मनापोसि गीता खोब्रागड़े, वंदना बिसेन की ओर से की गई।

    – रवि आर्य


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