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    Published On : Fri, Dec 11th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    सीसी रोड फेज -2 : जाँच में खलल डालने वाली CE को करें निलंबित

    – आरटीआई कार्यकर्ता ने की मनपायुक्त राधाकृष्णन बी से मांग,इस सम्बन्ध में जल्द ही शहर के कुछ जागरूक सामाजिक संगठन मनपायुक्त से मुलाकात करेंगे तो दूसरी ओर जाँच में बाधा पहुंचे इससे पूर्व जल्द ही RTI कार्यकर्ता न्यायालय में रिट याचिका दायर करने जा रहे हैं.

    नागपुर – नागपुर महानगरपालिका में सीमेंट सड़क के टेंडर और भुगतान मामले में की गई धांधली को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त राधाकृष्णन बी ने प्राप्त सबूतों के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय एक उच्च स्तरीय समिति गठित की,जिसका फायदा उठाकर समिति सदस्या मनपा की प्रभारी CE अपने करीबी दोषी ठेकेदार DC GURUBAKSHANI को बचाने के लिए विभिन्न जरिये से जाँच में बाधा डाल रही,मामला सार्वजानिक होते ही उक्त प्रकरण का पर्दाफाश करने वाले RTI कार्यकर्ता ने मनपायुक्त राधाकृष्णन बी से समिति सदस्या मनपा की प्रभारी CE को उनके मूल विभाग भेजने या फिर निलंबित करने की मांग की.इस सम्बन्ध में जल्द ही शहर के कुछ जागरूक सामाजिक संगठन मनपायुक्त से मुलाकात करेंगे तो दूसरी ओर जाँच में बाधा पहुंचे इससे पूर्व जल्द ही RTI कार्यकर्ता न्यायालय में रिट याचिका दायर करने जा रहे हैं.

    याद रहे कि मनपा में भ्रष्टाचार मिटाने के उद्देश्य से हर वर्ष बनने वाली घटिया डामर सड़क पर हो रहे खर्च को बचाने के लिए BJP LEADER NITIN GADKARI ने CEMENT ROAD की संकल्पना लाई थी। मनपा के घाघ अधिकारियों ने इसमें भी बड़े पैमाने में रोटी सेकने की जुगत निकाल कर CEMENT ROAD PHASE -2 का टेंडर देने सह भुगतान करने में बड़ी और खुलेआम धांधली की। इस मामले का NAGPUR TODAY ने पर्दाफाश किया। जिसको गंभीरता से लेते हुए मनपायुक्त RADHAKRISHNAN B ने एक जांच समिति गठित की,जिसकी प्रमुख सदस्या व मनपा की प्रभारी CE ने DC GURUBAKSHANI – ASHWINI INFRA सह दोषी अधिकारियों को बचाने के लिए एक DRAFT तैयार कर उस पर शेष सभी सदस्यों को हस्ताक्षर करने का निर्देश दी तो सदस्य झल्ला गए, उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अपना SAY देंगे और इस मामले में आपका DRAFT गलत और अर्थहीन हैं। जिस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिए।

    बताया जा रहा हैं कि जांच समिति सदस्या व मनपा की CE से DC कंपनी के मधुर संबंध हैं, उनके साथ विभिन्न विभागों में कार्यरत रहते काम कर चुकी हैं। इसलिए DC GURUBAKSHANI समूह को बचाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही,इसी क्रम में इस दोषी कंपनी को बचाने के लिए 10-15 दिनों की मोहलत रूपी SHOW CAUSE नोटिस देकर कागजातों की उपलब्ध करवाने का अवसर भी दिया गया।
    विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार DC GURUBAKSHANI समूह को बचाने के लिए मनपा की प्रभारी CE बतौर जांच समिति सदस्या जांच में बाधा डाल रही। CE ने DC GURUBAKSHANI के पक्ष में लगाए गए सभी आरोप को तथ्यहीन बतलाते हुए एक DRAFT तैयार किया फिर कुछ समिति सदस्यों को बुलाकर DRAFT पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाई, उपस्थित सदस्यों ने DRAFT को पढ़ने के बाद उस पर बिना अपना SAY दिए हस्ताक्षर करने से मना कर दिए और CE को जवाब दिए कि इस मामले में दोषी DC GURUBAKSHANI – ASHWINI INFRA के साथ लकडगंज जोन के तत्कालीन EE, उपअभियंता,JE, SE, CE, CAFO आदि भी हैं, जिन्होंने टेंडर शर्त अनुसार कागजातों की पूर्तता न करने वाले DC GURUBAKSHANI – ASHWINI INFRA को ठेका ही नहीं दी बल्कि बोगस खाते में भुगतान करवाकर अपना उल्लू सीधा किया।
    NAGPUR TODAY ने आयुक्त से मांग की हैं कि उक्त जांच अति शीघ्र पूर्ण करवाए, अन्यथा CE जांच में बाधा डालते रहेंगी,इसके तुरंत बाद CE को उनके मूल भेजने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाए,क्योंकि यह मनपा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।इसके साथ ही उक्त जांच में दोषी ठेकेदार कंपनी को आजीवन BLACKLIST करें और दोषी अधिकारियों पर निलंबन सह किये गए भुगतान की वसूली भी कर मनपा में सकारात्मक वातावरण निर्माण किया जाए।

    DC को बचाने ठेकेदार संगठन का नेता सक्रिय
    मनपा के ठेकेदार संगठन के तथाकथित नेता (संगठन का कार्यकाल समाप्त हो चूका हैं) M/S ASHWINI INFRA – DC GURUBAKSHANI को उक्त धांधली से बचाने के लिए सक्रिय बतलाए जा रहे.इसके लिए वे जाँच समिति सदस्यों पर विभिन्न प्रकार से दबाव बना रहे ,इसके अलावा वे उक्त मामले को लेकर आवाज बुलंद करने वाले संगठन की बोलती बंद करने में सफल रहे.उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त ठेकेदारों का नेता खुद पहले टेंडरों में भाग लेने वालों के मध्य बोली लगवाता था,फिर उससे ‘नाल’ निकालने का खेल वर्षों तक खेलता रहा.इनकी मनपा प्रशासन से एकमात्र मांग रहती हैं कि ठेकेदारों को मासिक भुगतान किया जाए,वह इसलिए कि इनके और इनके गुट के कुछ ठेकेदारों का इसमें काफी फायदा होता हैं,इन्हें मनपायुक्त कार्यालय के एक कर्मी का भरपूर साथ मिल रहा हैं.

    आयुक्त ने तालेवार को लगाई फटकार
    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मामला का RTI कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक करने के बाद जब मामला आयुक्त के दरबार तक पहुंचा तो उन्होंने SE मनोज तालेवार को बुलाकर जमकर फटकार लगाई कि अगर जाँच में दोषी पाए गए तो घर बैठा दूंगा। ऐसा कहने या चेताने वाले वर्त्तमान आयुक्त पहले आयुक्त नहीं बल्कि तीसरे आयुक्त हैं ,इसके पूर्व मुद्गल और मुंढे ने भी तालेवार की बड़ी गलती पर उन्हें चेताया था लेकिन घर बैठाने में असफल रहे.अब तक तालेवार इसलिए भी बचंते रहे क्यूंकि वे एक विधायक और उसके मनपा में तथाकथित OSD के निकटवर्ती हैं.

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