Published On : Thu, Apr 16th, 2020

लॉकडाउन में चमका ऑनलाइन कैसिनो का बाजार


बैठे-बैठे थक गए करना है कुछ काम, ऑनलाइन कैसिनो है लॉकडाउन का इलाज। आजकल टीवी के बाद अगर लोग अपना ज्यादा वक्त कहीं गुजार रहे हैं तो वो है ऑनलाइन कैसिनो। लॉकडॉउन से दुनिया थम गई है। लोगों के पास अब वक्त ही वक्त है लेकिन इस खाली वक्त को कहां गुजारें ये बड़ी समस्या बन गई है। यही वजह है कि टीवी के बाद अगर लोग किसी दूसरी जगह सबसे ज्यादा व्यस्त हैं तो वो है ऑनलाइनकैसिनो।

देश में कई लाइव डीलर कैसिनो हैं जो आपको ठीक वैसा ही मजा देते हैं जो आनंद कैसिनो में जाकर खेलने में आता है। इतना ही नहीं आप ना कैवल कैसिनो डीलरों के साथ चैट कर सकते हैं बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के साथ बात भी कर सकते हैं। खास बात ये है कि आप ये काम किसी कंप्यूटर या लैपटॉप के साथ अपने छोटे से मोबाइल स्क्रीन पर भी आसानी से कर सकते हैं, फिर चाहे वो एंड्रॉयड या आईओएस फोन ही क्यों ना हों। यही वजह है कि अपनी बोरियत मिटाने के लिए ऑनलाइन कैसिनो कि डिमांड लॉकडाउन के दिनों में पहले के मुकाबले ज्यादाबढ़ गई है।

देश की इसवेबसाइटबेस्ट ऑनलाइन कसीनोजमें चौसर से लेकर स्लॉट्स और रूले जैसे खेल आसानी से खेले जा सकते हैं। इनमें भाग्य के साथ आपका कौशल भी काम करता है। ऑनलाइन कैसिनो में लोग बैंक से, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्डऔर पेपैल के अलावा क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन का भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि सिक्किम अकेला राज्य है जिसने ऑनलाइन कैसिनो को लाइसेंस देने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं जबकि दूसरे राज्यों में इसको को लेकर कोई कानून नहीं है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के दिनों में अकेले अमेरिका में ऑनलाइन गैमिंग ट्रैफिक में जबरदस्त उछाल आया है। कुछ यही हाल देश में भी है। जहां ऑनलाइन गैमिंग की डिमांड लॉकडाउन के पीरियड में ज्यादा बढ़ी है। देश में ऑनलाइन कैसिनो ना सिर्फ शहरों में सिमट कर रह गया है, बल्कि दूर दराज के इलाकों में भी इसकी पकड़ काफी मजबूत हुई है। खासतौर से युवाओं में ऑनलाइन कैसिनो को लेकर ज्यादा रूझान देखने को मिल रहा है। जो लॉकडाउन के दौरान खाली वक्त में अपना दिमाग यहां लड़ा रहे हैं।


तो दूसरी ओर इसको लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। ज्यादा समय तक गेम में उलझे रहने से सेहत पर भी असर पड़ सकता है, लेकिन कोविड 19 जैसी महामारी के आगे इसका प्रभाव ना के बराबर है। यही वजह है कि लोगों को घरों में रोकने के लिए ऑनलाइन गैमिंग लक्ष्मण रेखा का काम कर रहा है। जिसको छोड़कर कोई घर से बाहर नहीं निकलना चाहता। ऑनलाइन कैसिनो का चस्का ऐसा है कि जहां ये युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है वहीं बुजुर्ग भी इसके असर से दूर नहीं हैं। यही वजह है कि लॉकडाउन के इन दिनों में वो दूसरों से थोड़ी सी मदद लेने के बाद ऑनलाइन कैसिनो के दीवाने हो रहे हैं।

देश में ऑनलाइन कैसिनो का भविष्य लॉकडाउन के कारण ज्यादा बेहतर हुआ है। जहां कुछ ही लोग पहले इससे परिचित थे वहीं अब ये संख्या कई गुणा बढ़ती दिख रही है। ऑनलाइन कैसिनो डीलर भी मानते हैं कि लॉकडाउन से उनका कारोबार पहले के मुकाबले बढ़ा है और आगे भी इसके बढ़ने की उम्मीद है। कैसिनो डीलर मानते हैं कि ये जिम्मेदारी उन पर है कि आम लोगों का विश्वास ऑनलाइन गैमिंग पर बढ़े इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने के साथ कई दूसरे तरह के उपाय करने की जरूरत है जिनको आने वाले समय में किया जा सकता है।

फिलहाल तो ऑनलाइन गैमिंग का बाजार अगर बूम पर नहीं है तो कम भी नहीं है और इस बात से भी कोई इंकार नहीं कर सकता कि आने वाला भविष्य इसी का है। ये बात और है लॉकडाउन ने ऑनलाइन गैमिंग के बाजार को पंख लगा दिये है और अब ऊंची उड़ान भरने की जिम्मेदारी कैसिनो डीलर और सरकार की है। जो ना केवल अपनी जिम्मेदारी को पूरी करें बल्कि आम लोगों के विश्वास और उनकी सहूलियत पर भी खास ध्यान दें।