Published On : Wed, Sep 4th, 2019

ड्रग्स की खेप के साथ युवक गिरफ्तार

गोंदियाः पुलिस ने 3 बोरियों में भरा 2 लाख का गांजा पकड़ा

गोंदिया: गोंदिया जिले में मादक पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। ड्रग्स का नशा युवाओं को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में लेकर उन्हें पंगु बना रहा है।

सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि, अब इसका असर गोंदिया के ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है लिहाजा नशीले पदार्थों का सेवन अब मानवता के प्रति सबसे बड़े अपराध का रूप धारण कर चुका है।

3 सितंबर को स्थानीय अपराध शाखा पुलिस दल की टीम गोंदिया ग्रामीण इलाके के ग्राम बटाना से बरबसपुर मार्ग की ओर पेट्रोलिंग के लिए जा रही थी तभी गोंडीटोला के पास पुलिस जिप्सी को अपने पीछे आता हुआ देख एक वाहन चालक ने अपनी गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी जिसपर पुलिस गश्ती दल के अधिकारियों को संदेह हुआ और उन्होंने बोलेरो गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। पुलिस जिप्सी ने जब ओवरटेक कर वाहन को रोका और उसके ड्राइवर को कब्जे में लेकर गाड़ी की तलाशी शुरू की तो महिंद्रा बोलेरो गाड़ी की पिछली सीट पर हरे, पीले और सफेद रंग के 3 प्लास्टिक बोरे नजर आए, जब उन्हें खोला गया तो भीतर 1-1 किलो वजन के गांजे के भरे 33 पैकेट बरामद हुए, जब इन 3 बोरियों को तोला गया तो इनका वजन 33 किलो 502 ग्राम था, जिसका मुल्य 2 लाख 17 हजार 751 रूपये आंका गया है।

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी देते बोलेरो जीप क्र. एम.एच. 29/एल. 0265 के चालक आरोपी चैनलाल बोपचे (36 रा. नक्शी त. किरनापुर जि. बालाघाट म.प्र.) ने बताया कि, वह यह नशे की खेप मध्यप्रदेश से लेकर ग्राम अंभोरा आया था तथा अपने रिश्तेदार के यहां रूकने के बाद वह गांजे की डिलेवरी देने गोंदिया जा रहा था।

बहरहाल पुलिस ने गांजे की खेप, बोलेरो जीप , 2 मोबाइल सहित कुल 5 लाख 28 हजार, 751 रूपये का माल बरामद करते हुए इस संदर्भ में गोंदिया ग्रामीण थाने में आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की धारा 8, 20 एनडीपीएस एक्ट का जुर्म दर्ज कर उसे अदालत में रिमांड हेतु पेश किया है।

उक्त कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे, अप्पर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी जगदीश पांडे के मार्गदर्शन में स्थानिक अपराध शाखा पुलिस टीम द्वारा की गई जिसमें पुलिस निरीक्षक दिनकर ठोसरे, सपोनि प्रदीप अतुलकर, रमेश गर्जे, पोउपनि तेजेंद्र मेश्राम, पुलिसकर्मी राजेश बड़े, निलेंद्र बैस, चंद्रकांत करपे, गोपाल कापगते, तुलसीदास लुटे, अजय रहांगडाले आदि ने हिस्सा लिया।

रवि आर्य