Published On : Tue, Sep 24th, 2019

जैसे कर्म होंगे वैसे फल मिलेंगेः पं. मोहनलाल जी व्यास

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श्री नागपुर गोरक्षण अनुसंधान केंद्र का आयोजन

नागपुर: हमारा मन किसान है, शरीर खेत है और कर्म हमारे बीज हैं। हम जैसे कर्म रूपी बीज बोएंगे वैसे ही दुःख और सुख रूपी फल की प्राप्ति हमें होगी। हमें सुख या दुःख देने वाला दूसरा कोई नहीं हैं केवल हमारे कर्म हैं जो हमें दुःख या सुख रूप में मिलते हैं। उक्त उद्गार श्री नागपुर गोरक्षण अनुसंधान केंद्र की ओर से श्राद्धपक्ष पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान नापासर, बीकानेर-राजस्थान के मरूधर भागवत भास्कर पं. मोहनलाल जी व्यास ने कथा के दूसरे दिवस व्यक्त किए. श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 29 सितंबर तक श्री बड़ी मारवाड़ माहेश्वरी पंचायत भवन, हिवरी नगर में किया गया है. कथा के मुख्य यजमान डा.गंगा देवी व डा. कैलाश तापड़िया परिवार हैं.

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महाराजश्री ने आगे कहा कि महाराज परीक्षित को ऋषि के आश्रम में जल नहीं मिला। क्योंकि ऋषि समाधि में थे। राजा को क्रोध आ गया और उन्होंने मरा हुआ सांप ऋषि के गले में डाल दिया। ऋषि के पुत्र बालक श्रृंगी ने राजा को श्राप दे दिया कि सातवें दिन तुम्हारी मृत्यु तक्षक सर्प के काटने से हो जाएगी। अपनी मौत का पता लगते ही राजा ने गंगा किनारे शुकदेवजी के समक्ष अपने पापों को प्रकट कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि पापों को हमेशा प्रभु के आगे प्रकट कर देना चाहिए। पुण्य हमेशा छुपा कर रखना चाहिए। यदि राजा परीक्षित अपने पाप प्रकट नहीं करते तो उनको श्रीमद्भागवत रूपी अमृत नहीं मिल पाता। श्रीमद् भागवत जीवन के सभी पापों को नष्ट कर जीव को जन्म और मृत्यु के चक्र से छुटकारा दिलाती है।

जीवन में हर समय हाय- हाय के स्थान पर हरि- हरि करते रहो।

इस अवसर पर शिव -सती विवाह प्रसंग पर झांकी प्रस्तुत की गई। शिवजी का पात्र जयश्री बियाणी, सती भावना सोमाणी, ब्रम्हाजी मुकुंद दरक, विष्णुजी सतीश बियाणी, नारद जी भरत सोनी, देवगण गौरी राठी, मेघा काबरा बने। कथा व्यास के जन्मदिवस पर हर्ष मनाया गया। इस अवसर पर महाराजश्री का स्वागत शाॅल, श्रीफल से गोरक्षण अनुसंधान केंद्र आयोजन समिति व श्री बड़ी मारवाड़ माहेश्वरी पंचायत ट्रस्ट की ओर से किया गया। स्वागत गीत प्रीति मालू, शशि मालू ने प्रस्तुत किया।

कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन जमान डा.गंगा देवी व डा. कैलाश तापड़िया परिवार, दामोदर किशोर सारडा परिवार, अध्यक्ष राधेश्याम सारडा, संयोजक श्रवणकुमार मालू, वीरेंद्र माहेश्वरी, गणेश नथ्थाणी, डा. परमेश्वर लड्ढा, बृजगोपाल दरक, पुखराज बंग, सत्यनारायण राठी, मांगीलाल बजाज, कमल बांगड़ी, माहेश्वरी पंचायत भवन के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मालू, कमल तापड़िया,रामअवतार तोतला, गिरधर इन्नानी , विजय सारडा, नंदू बजाज, कमल कलंत्री, दिलीप बाबू सारडा, दिनेश रामचंद्र सारडा, हरिप्रसाद झंवर, मधुसूधन सारडा, मनोज लचुरिया, नरसिंह सारडा, पवन बियानी, रमणलाल बाहेती, संतोष काबरा, सुनील भूतड़ा, गोविंद पसारी, रमेश रांदड़, दामोदरदास हुकुमचंद सारडा, नीरज लाखोटिया, प्रदीप मूंदड़ा, लता मणियार, जयश्री बियानी, बनवारी भूतड़ा, महेश बजाज, सुरेश गांधी, ईश्वर कांकाणी, कन्हैयालाल मानधना, महेश पुरोहित, राजेश बजाज, सतीश बंग, वासुदेव मालू, श्याम परतानी, पुरुषोत्तम राठी, भंवरलाल सारडा, कमलकिशोर सारडा, प्रभाकर सुधाकर पसारी, श्री उत्तर भारतीय सभा, नागपुर नागरिक सहकारी बैंक आदि के सदस्यों ने किया।

24 सिंतबर को धु्रव चरित्र, नरसिंह अवतार प्रसंग होगा। गोपाल दधिच द्वारा नानीबाई का मायरा रात्रि 7 से 10 बजे तक होगा। मंगलवार 24 सितंबर से 29 सितंबर तक पारिवारिक गौदान महोत्सव , नागपुर गोरक्षण, उमरेड रोड में सुबह 9 बजे मनाया जाएगा। मंगलवार के मुख्य यजमान सत्यनारायण मनीष नुवाल परिवार हैं।

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