उमरखेड़ (यवतमाल)। आज देश के सामने कैंसर, एड्स और वायरल इन्फ़ेक्शन से भी अधिक भयानक बीमारी जातीय विवाद है. इसे जड़ से नष्ट किये बगैर देश और समाज का भला नही होंगा ऐसा प्रतिपादन सोहेल आमीर शेख ने किया. वे उमरखेड़ जमाअते इस्लामी हिन्द शाखा की ओर से डा. बाबासाहेब आंबेडकर वाचनालय में आयोजित इफ्तार पार्टी में प्रमुख अतिथि के रूप में बोल रहे थे.
आगे उन्होंने रोजा का उद्देश बताते हुए कहां कि, रोजा मतलब सुर्योदय से सुर्यास्त तक खाना-पीना बंद करने से नही होता. इस रोजा से उन कुपोषित बालकों का दुःख समझना जरुरी है. रोजा गरीबी रेखा के निचे जीवन जी रहे लोगों के लिए अन्न कितना जरुरी है, इसकी शिक्षा देता है.
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आज समाज और देश के सामने कितनी समस्याएं है. इसका निपटारा कैसे किया जायेगा? भ्रष्टाचार, दहेज़ बली, बलात्कार, आतंकवाद जैसे अनेक प्रश्न है. ये सभी समस्याएं निपटाने के लिए है. ईश्वर ने हमें जीवन दिया. इस जीवन का मरते दम तक जवाब देना पड़ता है. ऐसा डर निर्माण करने की जरुरत हमे है और नबी मुहम्मद सल. ने जिस तरह ये सभी बाते अपने जीवन में करके दिखाई उसी तरीके से हमें भी ये बाते ग्रहण करनी चाहिए. इससे रोजा (रमजान) और कुरान की शिक्षा सफल होंगी. कार्यक्रम में अलग-अलग धर्म के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे. आभार प्रदर्शन स्थानिय शाखा अध्यक्ष अ. रऊफ ने किया.










