Published On : Mon, Oct 22nd, 2018

प्रस्ताव आने पर कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने पर करूँगा विचार – यशवंत सिन्हा

मोदी को हराने के लिए महागठबंधन की जरुरत नहीं

Advertisement
Advertisement

नागपुर : सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ अपनी ही पार्टी से बाग़ी चल रहे पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने के बारे में विचार करने की बात कही है। अमरावती में एक कार्यक्रम में भाग लेने के सिलसिले में नागपुर पहुँचे सिन्हा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहाँ कि चार राज्यों में होने वाले चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए अगर कांग्रेस से निमंत्रण आता है तो प्रचार करने के बारे में विचार करूँगा। उन्होंने कहाँ कि अब तक उन्हें ऐसा कोई निमंत्रण नहीं आया है लेकिन अगले महीने मध्यप्रदेश,राजस्थान,तेलंगाना,छत्तीसगढ़ में मोदी के विरोध में प्रचार के लिए कोई प्रस्ताव आएगा तो विचार करूँगा। सिन्हा ने एक बार फिर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशान साधा। उन्होंने कहाँ बीते चार वर्ष के दौरान जनता को बताने लायक कोई भी काम नहीं हुआ है। हर भाषण में मोदी नेहरू-गाँधी परिवार की आलोचना करते है। सरकारी कार्यक्रमों में भाषण राजनैतिक न हो इस शिष्टाचार का पालन नहीं किया जाता है। इस सरकार के कार्यकाल में देश के सभी क्षेत्र पिछड़ गए है। मोदी की कार्यशैली की वजह से देश की अर्थव्यवस्था और स्वायत्त संस्था की सार्वभौमिकता ही खतरे में पड़ गई है।

Advertisement

वर्ष 2008 में अमेरिका की सबसे बड़ी बैंक लेहमैन ब्रदर्स के डूबने से वहाँ अभूतपूर्व आर्थिक संकट निर्माण हो गया था। यही स्थिति देश कि हो गई है। जनता के बीच में भरी रोष है जो आगामी लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। मोदी को हारने का काम किसी महागठबंधन से नहीं बल्कि क्षेत्रीय दलों के समन्वय से ही हो जायेगा। देश को संकटकाल से निकालने के लिए मोदी के खिलाफ प्रचार करने की तैयारी सिन्हा ने दिखाई है। आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त मानते हुए उन्होंने कहा कि देश में भुगतान संकट की स्थिति बन रही है। बेटे जयंत सिन्हा के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल रहने के प्रश्न पर उन्होंने साफ कहा कि वे बेटे को कन्वेंस नहीं कर पाए हैं। पत्रकारों से बात करते समय सिन्हा के साथ बीजेपी सांसद शत्रुध्न सिन्हा,आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह,कांग्रेस के नेता डॉ आशीष देशमुख और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत पवार उपस्थित थे।

Advertisement

पीएमओ से चल रहा है देश
यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश में लगायी गई इमरजेंसी से भी बदतर हालत बनी हुई है। समाचार चैनलों पर चर्चा के विषय व लाइन भी प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर तय होती है। सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा पर अमित शाह का ही कब्जा है। मंत्रियों की अहमियत नहीं है। सभी अधिकार पीएमओ के पास है वही से सारी चीजें हो रही है। वित्तमंत्री,गृहमंत्री,रक्षामंत्री,विदेश मंत्री के पास किसी तरह का अधिकार नहीं है। यह बात बीते दिनों हुए वाकये से स्पस्ट होती है। नोटबंदी के बारे में वित्तमंत्री को जानकारी नहीं थी। जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने से पहले गृहमंत्री को पूछा नहीं जाता। राफेल सौदा करते समय रक्षा मंत्री को नहीं बताया जाता। विदेश मंत्री पाकिस्तान के सचिव से मिल नहीं सकते। देश में निरंकुश सत्ता चल रही है

आरएसएस की सिर्फ पोशाक बदली चेहरा नहीं
यशवंत सिन्हा ने यह भी कहा कि आरएसएस के बदलाव की बात कही जा रही है। लेकिन सरसंघचालक डा.मोहन भागवत के बयान से साफ हो गया है कि आरएसएस का चेहरा नहीं बदलनेवाला है। सरसंघचालक ने विजयादशमी उत्सव में सरकार से आव्हान किया है कि वह कानून लाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण का काम आरंभ करें। सिन्हा ने कहा कि मंदिर निर्माण का मामला अब पूरी तरह से न्यायालय के निर्णय पर निर्भर है। सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। ऐसे में संसद में इस मामले पर कैसे कानून बनाया जा सकता है।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement