Published On : Fri, Apr 10th, 2015

भंडारा: अवैध गर्भपात के दौरान हुई मृत्यू के बाद प्रेमिका का शव वैनगंगा में फेंका


भंडारा.

एक सनसनीखेज खुलासे में भंडारा ग्रामीण पुलिस ने आज गुरुवार शाम 4 बजे भंडारा के पास से बहने वाली वैनगंगा नदी से एक युवती की लाश बरामद की. तफ्तीश के दौरान मौत का रहस्य परत दर परत खुलता गया और इस घटना के पीछे एक बड़ी साजिश उजागर हुई.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाखनी तहसील के पालान्दुर गाँव की युवती योगिनी बांगड़कर साकोली राजकीय पॉलिटेक्निक की नियमित छात्रा थी. पिछले हफ्ते वह लाखनी स्थित अपनी मौसी के यहाँ मिलने आई थी और 1 अप्रैल को लाखनी से पालान्दुर जाने के लिए निकली. योगिनी जाने के बाद मौसी ने जब योगिनी बांगड़कर के घर संपर्क किया तो पता चला की वह घर पहुंची नहीं है जिसके बाद पालान्दुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया.

योगिनी बांगड़कर की मौसी के अनुसार योगिनी और सेंदुरवाफा (साकोली)  निवासी सुमित हरगोविंद लंजे के मधुर सम्बन्ध थे. सुमित के घर से पुलिस को खाली हाथ लौटना पडा मगर 2 अप्रैल को नागपुर से सुमित लंजे और उसके साथी पिंटू गंगाराम बोरकर को पुलिस ने धर दबोचा. शक की बिनाह पर दोनों से पूछताछ में बड़ी साजिश का खुलासा हुआ.

सुमित और योगिनी के मधुर संबंधों ने शारीरिक सीमाएं पार कर ली थी और योगिनी को 5  महीनों का गर्भ ठहर गया था. कोई रास्ता ना मिलते देख सुमित ने योगिनी को गोंदिया जिले के सड़क अर्जुनी तहसील के समीप गिरोला ग्राम के किसी गंवार वैद के पास गर्भपात और इलाज कराने के लिए छोड़ा. अवैध रूप से गर्भपात कराने में योगिनी की जान गयी ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं. मृत योगिनी की लाश को पहले साकोली के पास सातलवाडा के जंगलों में फेंका गया था. सुमित लंजे, पिंटू बोरकर और ड्राईवर महेश वासुदेव कापगते ने सातालवाडा पहुंचकर आनन् फानन में योगिनी की लाश को बोर में भरकर भंडारा के पास से बहने वाली वैनगंगा नदी में फेंक दिया. गुरुवार शाम 4 बजे लाश सतह पर आने की वजह से यह मामला उजागर हुआ.

आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. इस प्रकरण में भंडारा ग्रामीण, पालान्दुर और साकोली पुलिस मिल कर तफ्तीश कर रही है.