Published On : Wed, Oct 30th, 2019

बसपा प्रदेशाध्यक्ष को हटाने से पार्टी का अंतर्गत कलह एक बार फिर आया सामने

नागपुर– बहुजन समाज पार्टी को इस बार शहर के चुनावों में जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी. उस तरीके से वह शहर में प्रदर्शन नहीं कर पायी. प्रदेशाध्यक्ष सुरेश साखरे को पार्टी से निलंबित कर दिया है.

प्रदेश प्रभारी अशोक सिद्दार्थ के द्वारा प्रेस नोट के जरिये यह जानकारी दी गई है. उनपर यह आरोप है की उन्होंने कमजोर उमेदवारो को चुनाव में उतारा और पार्टी के इच्छा के विरुद्ध उन्होंने उत्तर नागपुर से चुनाव लड़ा और उमेदवारो का प्रचार करने के बजाएं वे खुद के ही प्रचार में उलझे रहे.

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हालांकि चुनाव साखरे हार चुके है. लेकिन अब पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियो के मतभेद भी उभरकर सामने आनेवाले दिनों में आ सकते है. इससे पहले भी बसपा से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विलास गरुड़ को हटाया गया था.

उनपर भी इसी तरह के आरोप लगे थे. सुरेश माने को भी हटाया गया था. उसका कारण भी कुछ इसी प्रकार से दिया गया था. उसके बाद माने ने दूसरी पार्टी बनाई थी, और अभी वे आदित्य ठाकरे के विरोध में चुनाव लड़े थे. जिस तरह से हर बार बसपा में विवाद सामने आते है.

गौर करनेवाली बात यह है की चुनाव होने के बाद ही ज्यादातर मतभेद सामने आते है. इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर में आनेवाले दिनों में पार्टी की साख और भी कम हो सकती है.

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