Published On : Fri, Nov 13th, 2020

क्या शिवराज सरकार मालेगांव से हो रही रेती चोरी रोकेगी

– कंपनी के 2 कार्यकर्ता संभाल रहे अवैध कारोबार

खापा/मालेगांव – रॉयल्टी मध्यप्रदेश की और इसे दौड़ाई जा रही विदर्भ में.मध्यप्रदेश के घाट के आसपास के गोर-गरीबों के लिए दी गई रॉयल्टी का इस्तेमाल काफी समय से नागपुर जिले में किया जा रहा.उसका लिंक नागपुर से OPEN कर नागपुर जिले के रेती घाटों के अवैध उत्खनन कर मांगकर्ताओं तक पहुँचाने के लिए मध्यप्रदेश की ROYALTY का इस्तेमाल किया जा रहा.इतना ही नहीं मध्यप्रदेश के मालेगांव रेती घाट से अवैध रेती उत्खनन के लिए नागपुर की एक विवादास्पद कम्पनी ने पिछले माह अपने 2 कार्यकर्ता घाट पर तैनात कर अवैध दोहन शुरू किया।

बताया जा रहा था कि अगर उपचुनाव में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार अर्थात कमलनाथ मुख्यमंत्री बन जाते तो नागपुर जिले के रेती घाट का टेंडर कम से कम 1-2 साल नहीं किया जाता।लेकिन उपचुनाव में कमलनाथ और कांग्रेस की करारी हार हुई.इसलिए एमओडीआई फाउंडेशन ने शिवराज सरकार से मालेगांव घाट से जारी अवैध रेती चोरी पर रोक लगाने और वहां की रॉयल्टी का नागपुर सह विदर्भ के जिलों में इस्तेमाल करने पर गंभीर कदम उठाने की मांग की.

मिट्टी मिश्रित रेत के नाम पर धांधली
जिलाधिकारी कार्यालय मिटटी मिश्रित रेत के नाम पर रेती घाट से अवैध उत्खनन मामले को बढ़ावा दे रही.अबतक आधा दर्जन से अधिक अनुमति सावनेर,रामटेक विधानसभा क्षेत्र में दे चुकी हैं.जहाँ अवैध उत्खनन का दौर शुरू हो चूका हैं.इस मामले पर जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे का कहना हैं कि उनके पास रेती चोरी के अलावा और भी काम हैं,वे इतनी बारीकी से रेती चोरी पर ध्यान नहीं दे सकते।जिन्हे कोई अड़चन हो सरकार के पास जाए.सावनेर की तर्ज पर रामटेक विधानसभा क्षेत्र में भी मिटटी मिश्रित रेत के नाम पर अवैध रेती उत्खनन शबाब पर हैं.

सरकारी प्रकल्पों को चोरी की रेत
कंपनी के सरगना द्वारा जिले और आसपास के सरकारी प्रकल्पों को अवैध उत्खनन कर रेती की आपूर्ति की जा रही.कंपनी अवैध रेती उत्खनन व परिवहन करने वालों से 50-50 का समझौता किये हुए हैं,साप्ताहिक हिसाब किताब होता हैं.इस मामले में सरकारी महकमें से जुड़े कर्मी की अहम् भूमिका कभी भी कहीं भी देखी जा सकती हैं.खबर हैं कि इस मामले में जल्द ही एक शिष्टमंडल CBI,CVC को निवेदन सौंपने वाला हैं.


मंत्रीगण पूर्वी विदर्भ के घाटो का निलामी चाहते
रेत के व्यवसायी और उसकी महत्ता देख राज्य के मंत्री मंडल सदस्य चाहते हैं कि रेती घाटो की जल्द निलामी शुरू हो जाए.इसके लिए जल्द ही राज्य सरकार के तरफ से NGTA के निर्देशानुसार मानक पूरी करने की कोशिश की जा रही.इससे NGTA संतुष्ट हो गया तो जनवरी-फरवरी में प्रमुख रेती घाटो की निलामी हो सकती हैं.