Published On : Wed, Oct 24th, 2018

क्या सीबीआय में अधिकारियों के तबादले सज़ा है ?

वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसी जगह नियुक्त किया गया जहाँ उनके स्तर का पद ही नहीं है

नागपुर: सीबीआय घूसकांड विवाद के बीच कार्मिक मंत्रालय ने कई अधिकारियों का तबादला कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों के तबादलें किये गए है वो सभी सीबीआय प्रमुख अलोक वर्मा द्वारा जॉइंट डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ शुरू की गई जाँच का हिस्सा थे। बीते कुछ दिनों से देश की प्रमुख जाँच एजेंसी में दो सर्वोच्च अधिकारियों के बीच के विवाद ने संस्था की स्वायत्तता पर बड़ा सवालिया उठा दिया है। जिस अधिकारियो के आनन-फानन में तबादले किये गए है उनमे डीआईजी,एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी है। खास है कि तबादले किये गए अधिकारीयों में से अधिकतर अस्थाना के ख़िलाफ़ शुरू जाँच का हिस्सा थे। और इनमे से कुछ अधिकारियों को सर्विस के लिए ऐसी जगह भेजा गया है जहाँ उनकी रैंकिंग के हिसाब से पद नहीं है। मसलन डीआयजी स्तर के अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा को नागपुर सीबीआय भेजा गया है लेकिन उनके पद के समकक्ष पद नागपुर में है नहीं,अब तक नागपुर सीबीआय दफ्तर में सर्वोच्च पद पुलिस अधीक्षक ( SP ) स्तर का रहा है। इसी रैंक के अधिकारी ने यहाँ सर्विस दी है। तो क्या ये माना जाये की इस सभी अधिकारियों को एक तरह से सज़ा मिली है। प्रसाशनिक और पुलिस सेवा में अधिकारी की रैंकिंग अहमियत रखती है। अक्सर सरकार द्वारा सज़ा के तौर पर ऐसी नियुक्तियां जान बूझकर दी जाती है। पुलिस और आयपीएस कैडर के अधिकारी अपनी पोस्टिंग को लेकर काफ़ी महत्वकांक्षी रहते है। तो क्या ये समझा जाये कि इन अधिकारियों को सज़ा दी गई है।

गौरतलब हो कि अस्थाना से जुड़े मामले की जाँच कर रहे अधिकारी का अंडमान-निकोबार ट्रांसफर किये जाने को पूर्व वित्त मंत्री और प्रसाशकीय अधिकारी रहे यशवंत सिन्हा ने पनिशमेंट करार दिया है। तो क्या सिन्हा का आरोप सही है और इन अधिकारियों की जान बूझकर सरकार द्वारा ट्रासंफर किया गया ऐसा सवाल खड़ा होता है। सीबीआय कार्मिक मंत्रालय के अधीन काम करता है और यह मंत्रालय खुद प्रधानमंत्री संभाल रहे है।

किसे कहाँ भेजा
DSP CBI एके बस्सी का तबादला पोर्ट ब्लेयर कर दिया गया है जबकि एडिशनल SP (CBI) एसएस गुम का ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। इतना ही नहीं, सीबीआई के DIG मनीष कुमार सिन्हा को नागपुर भेजा गया है। इनके अलावा DIG तरुण गौबा, DIG जसबीर सिंह, DIG अनीस प्रसाद, DIG केआर चौरसिया, HoB राम गोपाल और SP सतीश डागर का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। इनमें से कई अफसर सीबीआई के राकेश अस्थाना के खिलाफ केस की जांच कर रहे थे।