Published On : Thu, Sep 23rd, 2021

ट्रवल्स सरगना गुप्ता फर्जीवाड़ा को दबाने का प्रयास

– वेकोलि में सूचना अधिकार का धड़ल्ले से उलंघन

नागपुर– वेकोलि में कार्यरत गोंदिया निवासी ट्रेवल्स आपूर्ति सरगना ठेकेदार संदीप कुमार गुप्ता द्वारा पिछले १५–२० वर्षों से करीबन ३०० वाहन श्रमिकों की E.S.I.C. चोरी E.P.F.चोरी एवं न्यूनतम वेतन की चोरी सहित विभिन्न भरते चोरी में लिप्त होने की मामला उजागर हुआ है।इस प्रकरण में दोषी ट्रवल्स सरगना को बचाने के लिए वेकोलि के क्षेत्रीय प्रबंधक एंडी-चोटी एक करने में जुटे हुए हैं।उधर कार्रवाई से बचने के लिए वेकोलि के सूचना अधिकारी सूचना अधिकार अधिनियम का खुल्लमखुल्ला उलंघन कर रहे हैं। मांगीं गई जानकारी को छिपाने का अभियान वेकोलि में चल रहा है।सूचना अधिकारी जानकारी देने में लुका छिपी कर रहे हैं। वेकोलि के शेक्शन अधिकारियों की मानें तो जो जिसका खाएगा वह उसके गुण गाएगा। वेलफेयर अधिकारी की तो बात ही कुछ और है।मामला दबाने के लिए दोषी ठेकेदारों को कानूनी सलाह दी जाती है। परंतु मामला दबने बाला नहीं है।बताते हैं कि सतर्कता विभाग की मानें तो ट्रवल्स माफिया संदीप कुमार गुप्ता पर उचित कार्रवाई की गाज गिरे बिना वह श्रमिकों हक देने वाला नही है। सूत्रों के मुताबिक ट्रेवलर्स सरगना गुप्ता के गुलामचंद किस्म के श्रमिकों के बैंक खातों में न्यूनतम राशि भुगतान किया करता है और बाद में दूसरे व तीसरे दिन श्रमिकों के बैंक खातों से १०,०००,(दस हजार ) एटीएम कार्ड के जरिए रकम निकाल लिया जाता है। सीसीटीवी फुटेज की अगर जांच की जाती है तो असलियत का फर्दाफास हो सकता हैं।

सूत्रों की मानें तो ट्रेवलर्स सरगना गुप्ता ने हस्ताक्षर विशेषज्ञ पाल रखे हैं।जो कि फर्जी हस्ताक्षर के जरिये वाहनों को गुप्ता के नाम पर रकम ट्रांस्फर करवानें और उसे दूसरे को बेच देन के मामले में गुप्ता महीर है। वह,एक ही नंबर दो-तीन वाहन चला कर सड़क परिवहन निगम की दिशाभूल कर चुका है। इसके अलावा वह दूसरे के बैंक खातों से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रकम अपने खाते में जमा करवा लेता है।- ट्रेव्लर्स सरगना गुप्ता ने फर्जीवाड़ा का धंधा बेखौफ चल रहा है।
अपने को ईमानदारी का ढकोसला पीटने वाला गोंदिया का ट्रवल्स सरगना संदीप कुमार गुप्ता के फर्जीवाड़ा की कलई पूरी तरह खुली चुकी है। बताते है कि फर्जी हस्ताक्षर के जरिये वाहनों को अपने नाम पर करवानें और उसे दूसरे को बेच देना,एक ही नंबर दो-तीन वाहन चला कर सड़क परिवहन निगम की दिशाभूल करवाने, दूसरे के बैंक खातों से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रकम अपने खाते में जमा करवा लेना- देना सरगना गुप्ता ने फर्जीवाड़ा का धंधा बना लिया है।

तत्संबंध में सरगना गुप्ता के करीबीयों की मानें तो गुप्ता ने अपने स्वर्गवासी मित्र राहुल शर्मा की एम्बुलेंस वाहन को फर्जी हस्ताक्षर के जरिये अपने नाम पर करवाकर उसे बेच दिया है।इसके लिए सरगना गुप्ता ने गोंदिया के उप परिवहन अधिकारी को अपने ट्रवल्स व्यवसाय मे साझेदारी का लालच भी दिया था। हालांकि सचमुच में गोंदिया का डिप्टी आरटीओ को सरगना गुप्ता का व्यवसायी पार्टनर माना जा रहा है। परंतु एम्बुलेंस वाहन को अपने नाम पर करवाकर उसे बेच दिये जाने की वजह से एम्बुलेंस वाहन की पार्टनरशिप नदारद समझा जा रहा है।
हालांकि गुप्ता ने आरटीओ को भरोसा दिलाया था कि बेची गई एम्बुलेंस वाहन का ५% कमीशन उसे देगा ? परंतु उसे कमीशनखोरी से भी वंचित रखा गया है। इसलिए डिप्टी आरटीओ और गुप्ता के बीच अन-बन और मन मुटाव चल रहा था ? परन्तु बाद में उन दोनो मे सौदेबाजी के तहत आपसी समझौता हो गया है.
सूत्रों की माने तो ट्रवल्स सरगना संदीप कुमार गुप्ता अपने निज स्वार्थ साधने के लिए किसी भी नेता और अधिकारियों को कमीशन खोरी का लालच देकर अपना उल्लू सीधा करते रहता है। जिसमें गुप्ता ने बैंक मैनेजरों को भी कमीशन के लोभ-लालच की लपेटें में ले चुका है।
बताते है कि ट्रेवल्स सरगना गुप्ता ने अपने स्वर्गवासी मित्र राहुल शर्मा की विधवा पत्नी के बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर के जरिये रुपया २ लाख,४८ हजार अपने खाते में ट्रांसफर करवाए जाने की विश्वसनीय जानकारी है।
उक्त सनसनीखेज जानकारी सरगना संदीप कुमार गुप्ता के एक अति विश्वासपात्र आफिसियल कर्मि ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया है कि उक्त मामला की गोंदिया पुलिस में दर्ज किया गया था। जो कि सरगना संदीप कुमार गुप्ता के फर्जीवाड़ा के खिलाफ मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इतना ही नहीं ट्रवल्स सरगना संदीप कुमार गुप्ता के फर्जीवाड़ा के संबंध में चंद्रपुर जिले के घुग्घुस पुलिस स्टेशन में भी मामला दर्ज है।बताते हैं कि इस बेईमान और धोखेबाज सरगना संदीप कुमार गुप्ता ने फर्जीवाड़ा के जरिए अनेक चारपहिया वाहनों बसेस व एम्बुलेंस वाहनों को गायब करवा चुका है।मामलों को छिपाने के लिए वह शहर के पुलिस अधिकारियों से तालमेल बनाने में जुटा रहता है।

गोंदिया शहर में व्याप्त चर्चाओं के मुताबिक विगत १५-२० सालों में सरगना संदीप कुमार गुप्ता ने दूसरे के वाहन व्यवसाय को चौपट करनें के लिए हर हथकंडे अपना रहा और अब खुद के बुने जाल में वह बुरी तरह फंसता नज़र आने लगा है।मामलों से बचने के लिए वह झूठ छल कपट विश्वासघात धोखाधड़ी बेईमानी और भ्रष्ट्राचार का सहारा लेकर अपने ही हाथों से अपने पांव मे कुल्हाडी मारने का प्रयास कर रहा है।