
गोंदिया | रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवार, 26 मार्च को गोंदिया शहर भक्ति, उल्लास और आस्था के रंग में पूरी तरह डूबा नजर आया। माथे पर तिलक, तन पर भगवा कुर्ता, सिर पर साफा और हाथों में लहराते विशाल ध्वजों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को “राममय” कर दिया। हर सड़क, हर चौराहा मानो रामनगर स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर की ओर ही बढ़ता दिखा-जैसे “रामराज्य” की जीवंत झांकी साकार हो उठी हो।
‘जय श्रीराम’ से आसमान मुखर
शोभायात्रा की शुरुआत दोपहर 1 बजे रामनगर के ऐतिहासिक राम मंदिर में विधि-विधान से पूजन और महाआरती के साथ हुई। शंखनाद के साथ जैसे ही रथ आगे बढ़ा, पूरा शहर “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा , हजारों की संख्या में उमड़े महिला-पुरुष और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
शोभायात्रा जिन मार्गों से गुजरी, वहां का दृश्य किसी महोत्सव से कम नहीं था। घरों की छतों और प्रमुख चौराहों से श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया।
आतिशबाजी ने जगमगाए रास्ते , दिवाली जैसा माहौल
भव्य शोभा यात्रा के उड़ान पुल से अंबेडकर चौक होते हुए जय स्तंभ तक पहुंचते ही जबरदस्त आतिशबाजी ने दीपावली जैसा नज़ारा पेश कर दिया। नेहरू चौक पर भी भव्य आतिशबाजी ने माहौल को और रोमांचक बना दिया।
पूरे मार्ग पर डीजे की सुमधुर धुनों, पारंपरिक गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों पर झूमते श्रद्धालुओं ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
फूलों से सजे विशेष रथ पर विराजमान ‘राम दरबार’ के दर्शनों के लिए श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए।
भक्ति के साथ स्वच्छता का संदेश
इस भव्य शोभायात्रा की सबसे खास बात इसका ‘सिविक सेंस’ रहा। एक ओर जहां विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा शरबत, फल, मिठाइयां, छाछ और कुल्फी का वितरण किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर स्वयंसेवकों की टोली पूरे मार्ग पर फैले प्लास्टिक कचरे को तुरंत साफ कर स्वच्छता अभियान चला रही थी।
भक्ति के साथ स्वच्छता का यह संगम इस आयोजन को खास बना गया।
रवि आर्य












