
गोंदिया। सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलालजी के पावन चेट्रीचंड्र महोत्सव के अवसर पर शहर में भक्ति, ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। “आयोलाल-झूलेलाल” के गगनभेदी जयघोष के बीच आयोजित भव्य मैराथन (वॉकेथान) ने न सिर्फ आस्था की लहर जगाई, बल्कि “फिट बॉडी…फिट भारत” का संदेश भी पूरे शहर में गूंजा दिया।
सिंधी कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान से निकली इस आस्था-रैली को जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब 1500 से अधिक श्रद्धालुओं, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे जन-आंदोलन का रूप दे दिया।
फिटनेस ही सच्ची साधना- SP गोरख भामरे
मंच से संबोधित करते हुए एसपी गोरख भामरे ने धार्मिक भावनाओं को जोड़ते हुए कहा“शरीर चंगा तो कटोरे में गंगा” केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। जब व्यक्ति स्वस्थ होगा, तभी वह अपने परिवार, समाज, व्यापार और राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभा पाएगा। उन्होंने कहा कि चेट्रीचंड्र जैसे पावन पर्व पर इस तरह का आयोजन “धर्म से राष्ट्र निर्माण” की प्रेरणा देता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “विकसित भारत” का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होगा।
सेवा, सम्मान और संस्कृति का प्रदर्शन
कार्यक्रम की शुरुआत जोश से भर देने वाली जुम्बा डांस प्रस्तुति से हुई, जिसने माहौल को उत्साह से भर दिया। इसके बाद जैसे ही “आयोलाल-झूलेलाल” और “सिंधी दिवस अमर रहे” के जयघोष गूंजे, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सफेद टी-शर्ट और कैप में सजे प्रतिभागी, डीजे पर बजते सिंधी भजनों और लोकगीतों के साथ दशहरा मैदान से शंकर चौक और यादव चौक होते हुए आगे बढ़े। हर कदम पर यह रैली आस्था, संस्कृति और फिटनेस का संदेश देती नजर आई।
मैराथन का समापन संत कंवरराम मैदान में हुआ, जहां प्रतिभागियों के लिए अल्पोहार, शरबत और शीतल जल की व्यवस्था की गई। साथ ही 10 भाग्यशाली प्रतिभागियों को लक्की ड्रॉ के माध्यम से गणमान्य अतिथियों के हस्ते सम्मानित किया गया।
एसपी भामरे का पारंपरिक स्वागत कर उन्हें सिंधु संस्कृति से जुड़ा तैलचित्र भेंट किया।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज के दौर में स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूजा और सच्ची साधना है। चेट्रीचंड्र महोत्सव के इस आयोजन ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण को एक सूत्र में पिरोते हुए समाज को एक नई दिशा दी।
“फिट बॉडी…फिट भारत” अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा जन-संकल्प बनता नजर आ रहा है।
अखंड ज्योति के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस चेट्रीचंड महोत्सव के पावन अवसर पर शुक्रवार को पूरी गोंदिया नगरी भक्ति और उल्लास के रंग में डूबी नजर आई। सुबह 10 बजे प्रेम प्रकाश आश्रम परिसर में इष्टदेव वरुण अवतार भगवान झूलेलाल जी की अखंड ज्योति विधि-विधान से प्रज्वलित की गई।इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
‘जय झूलेलाल’ और ‘आयो लाल-झूलेलाल’ के गूंजते जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
फूलों से सजे रथ पर विराजे बहिराणा साहब
पूजा-अर्चना के पश्चात अखंड ज्योति को भव्य रूप से सजे बहिराणा साहब के रथ में विराजमान किया गया। जैसे ही यह दिव्य रथ नगर भ्रमण के लिए निकला, सड़कों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा शहर भक्ति के पुष्पों से महक उठा
बैंड-बाजों की सुमधुर धुनों और युवाओं के जोश ने शोभायात्रा को और भी भव्य बना दिया। सिंधी नवयुवक सेवा मंडल कार्यालय से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जब शंकर चौक पहुंची, तो श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया।
सड़कों पर झूमी ‘सिंधी शेज’ डांडिया
शहर के प्रमुख चौराहों पर बहराणा साहिब की शोभायात्रा दौरान पारंपरिक ‘सिंधी शेज’ (डांडिया) खेलकर स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु झूम उठे और हर ओर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रवि आर्य









