
गोंदिया। जिले के तिरोड़ा तहसील स्थित खड़की (डोंगरगांव) में शुक्रवार 9 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। घर के पास बैठे चार वर्षीय मासूम हियांश शिवशंकर रहांगडाले पर तेंदुए ने अचानक हमला कर उसे उठा ले गया। तलाश के बाद बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरा गांव शोक और दहशत के साये में डूब गया।
मिली जानकारी के अनुसार, हियांश अपने माता–पिता के साथ घर के पीछे चूल्हे के पास बैठा था। उसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक धावा बोला। परिवार ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाने की कोशिश की, लेकिन वे बच्चे को बचा नहीं सके। घटना के बाद रहांगडाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में मातम छा गया।
चेतावनियों के बाद भी फॉरेस्ट विभाग सोता रहा
ग्राम खड़की (डोंगरगांव) तथा आसपास के इलाकों में तेंदुओं की आवाजाही बढ़ने की सूचना पहले भी फॉरेस्ट विभाग व प्रशासन को दी गई थी। इसके बावजूद कोई ठोस और सार्थक कदम नहीं उठाए गए। इतना ही नहीं, घटना की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम का तुरंत मौके पर न पहुंचना ग्रामीणों के गुस्से की बड़ी वजह बन गया।
गुस्से में उबलते ग्रामीण व जनप्रतिनिधि ने सवाल खड़े किए
घटना की जानकारी मिलते ही तिरोड़ा के विधायक विजय रहांगडाले और पूर्व विधायक दिलीप बंसोड़ यह मौके पर पहुंचे उपस्थित वन अधिकारियों से ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने सवाल तलब किया , संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा उपाय कहां थे?
जागरूकता, पिंजरे और गश्त क्या सब सिर्फ कागजों में ही है?
ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय पर ठोस कार्रवाई होती, तो आज हियांश जिंदा होता।
गांव में दहशत और शोक का माहौल
वारदात के बाद गांव में दहशत, आक्रोश और गहरा शोक छा गया है। लोग बच्चों को घर से बाहर निकालने से भी डर रहे हैं। तेंदुए की गतिविधियों ने क्षेत्र को दहला कर रख दिया है।
ग्रामीणों की मांग ज़ोरों पर पकड़ रही है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष टीम की तुरंत तैनाती की जाए ,पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा दें तथा क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं
रवि आर्य








