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    Published On : Fri, Oct 12th, 2018

    महापौर के २, सत्तापक्ष नेता के २ ही उपयुक्त दावेदार

    नागपुर : आगामी चुनावों के मद्देनज़र महापौर, उपमहापौर,सत्तापक्ष नेता और नागपुर सुधार प्रन्यास के विश्वस्त को बदलने की कवायद शुरू हो चुकी है. बदलाव की मुख्य वजह महापौर, उपमहापौर और नासुप्र विश्वस्त की निष्क्रियता और पद के साथ किए गए अन्याय बतलाया जा रहा है.

    महापौर के २ दावेदार
    मनपा में तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा नेतृत्व ने तय किया था कि वे इस कार्यकाल में ४ महापौर देंगे. जिनका कार्यकाल सवा वर्ष का होगा. इस हिसाब से महापौर नंदा जिचकर का कार्यकाल पूरा ही नहीं ज्यादा हो चुका है. ऊपर से महापौर द्वारा किए गए कर्मकांड से भाजपा नेतृत्व को गल्ली से लेकर दिल्ली तक मुँह छिपाना पड़ रहा है. जब से बदलाव की चर्चा शुरू हुई, अब तक २ दावेदारों के नामों की चर्चा हिचकोले लेते दिखाई दे रही है. इनमें वर्षा ठाकरे और मनीषा कोठे प्रमुख हैं,जो सक्षम महापौर साबित हो सकती हैं.

    नागपुर टुडे को मिली जानकारी के अनुसार वर्षा ठाकरे का नाम लगभग तय है लेकिन अंतिम निर्णय गडकरी-फडणवीस को ही संयुक्त रूप से लेना होगा.

    नासुप्र विश्वस्त के कई दावेदार
    भाजपा नेतृत्व के निर्णय अनुसार ढाई-ढाई साल का विश्वस्त पद भाजपा के २ नगरसेवक को दिया जाएगा. सत्तापक्ष कोटे से भाजपा ने पिछले कार्यकाल में भाजपा नगरसेवक भूषण शिंगणे को नासुप्र का विश्वस्त बनाया था, जिसे पिछले कार्यकाल में १ वर्ष ही मिला था. उसे वर्तमान कार्यकाल में और डेढ़ वर्ष मिलने के बाद उन्हें बदलने की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. नेतृत्व ने वर्तमान को बदला तो सत्तापक्ष के अन्य नगरसेवक को अगले ढाई साल के लिए अवसर मिल सकता है. इस पद के लिए सभी विधानसभा क्षेत्र से २ से ३ दावेदार इच्छुक हैं. क्यूंकि आज की सूरत में नासुप्र आर्थिक मामले में मनपा के बनस्पत कई गुणा सक्षम है.

    मध्य से ही होगा सत्तापक्ष नेता
    वर्तमान सत्तापक्ष नेता का भाजपा और राज्य सरकार ने कद ऊँचा करते हुए उन्हें लघु उद्योग महामंडल का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया. जिससे उनकी व्यस्तता काफी बढ़ गई. मनपा में चर्चा है कि सत्तापक्ष एक संवैधानिक पद होने से इस पद के लिए पूर्णकालीन पदाधिकारी होना चाहिए।मनपा में इस पद के सबसे सक्षम दावेदार मध्य नागपुर से ही दो दिग्गज है. वर्तमान कठिनाई से जूझने हेतु प्रवीण दटके या दयाशंकर तिवारी को अगला सत्तापक्ष नेता बनाया जा सकता हैं.

    उपमहापौर हल्बा से ही
    वर्तमान उपमहापौर हलबा समुदाय से हैं. इन दिनों हलबा समुदाय भाजपा से नाराज़ है. इन्हें ख़ुश करने के उद्देश्य से वर्तमान उपमहापौर की जगह हलबा समुदाय से हो अगला उपमहापौर बनाने पर विचार जारी है. इस क्रम में प्रवीण भिसीकर व राजेश घोड़पागे में से किसी को मौका मिल सकता है.

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