Published On : Fri, Nov 23rd, 2018

देश में अत्याधुनिक सड़कों के निर्माण के लिए नये शोध और तकनीक का इस्तेमाल हो : ग़डकरी

नागपुर: केन्द्रीय सड़क परिवहन राष्ट्रीय राजमार्ग, जहाजरानी एवं जल संरक्षण गंगा शुद्धिकरण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने देश में सड़कों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक तकनीक और नये शोधों को शामिल किए जाने पर जोर दिया है आज नागपुर में 79 वें भारतीय सड़क कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि विश्व में भविष्य उसी देश का है जो नवीन शोध उद्यमियता विज्ञान तकनीक और स्पीड को आगे रख कर काम करेगा वही देश अब भविष्य में आगे जाने वाला है जिसको हम नॉलेज कहते है और मैं हमेशा कहता हूं कि कन्वर्शन आफ नॉलेज इन टू वेल्थ ही आने वाले समय की मांग है ।

केन्द्रीय मंत्री ने इंण्डियन रोड कांग्रेस में भाग लेने आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप लोगों के दिन-रात के प्रयासों और कड़े परिश्रम के कारण ही सड़कों का इतनी तेजी से निर्माण होना संभव हो सका है। उन्होने कहा कि हमें करदाताओं की राशि का सदउयोग करते हुए कम लागत पर अच्छी और गुणवत्ता वाली सड़कों का निर्माण करने की जरुरत है, साथ ही हमें ऐसे लोगों का सम्मान करना चाहिए जो इस क्षेत्र में अच्छा काम कर रहै हैं। ताकि उन्हे पोत्साहन मिल सके और वो दूसरे लोगों उदाहरण बने, श्री गडकरी ने कहा कि हमारे यहाँ अच्छा काम करने वाले का सम्मान नहीं होता और बुरा काम करने वालो को सज़ा नहीं मिलती है।

केन्द्रीय मंत्री ने सड़क निर्माण के लिए वेस्ट प्लास्टिक और रबर को शामिल करने के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बढ़ रही है और पर्यावरण को भी प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति मिल रही है उन्होने कहा कि नये शोधो और नई तकनीकों के इस्तेमाल से अधिकारी डरते है क्योंकि अगर उनसे गलती हो जाएगी तो मीडिया उनके खिलाफ खबरें छाप देगा, लेकिन अब ऐसा नहीं है और मैं अधिकारियों से आह्रवान करता हूं कि वे सड़क बनाने में नई तकनीकों को शामिल करें ।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश में पानी की बहुत कमी है जिसके लिए हमने सड़कों के निर्माण में छोटे बाँध बनाने की तकनीक का इस्तेमाल किया और इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहै है बुलढ़ाना का जिक्र करते हुए उन्होने बताया कि सड़क बनाने के लिए उन्होने और 56 लाख क्यूबिक मीटर मलबा खोदकर निकाला जिससे वहाँ नदी बन गई है सड़क हादसों पर चिन्ता जताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश में सबसे ज्यादा सड़क हादसों से मौतें होती है जो चिन्ता का विषय है और कही ना कही इसके लिए सड़के बनाने वाली संस्थाएं भी जिम्मेदार है हम सड़क बनाते समय में ध्यान नहीं रखते कि उसमें हादसे ना हो उन्होने बताया कि अकेले महाराष्ट्र में 2500 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए एक स्थान पर तो 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे। जब वहाँ के मोड़ को सुधार कर सीधा किया गया तो वहाँ हादसे होना बन्द हो गए । श्री गडकरी ने सड़कों पर गद्दा खोदने वाली एजेन्सियो की चुटकी लेते हुए कहा कि उनका तो काम नई सड़कों पर खुदाई करना है। ऐसा ऐसा नहीं है की खुदाई करने वाली एजेन्सिया सड़कें खोदने के पहले वो राशि स्थनीय निकायों में जमा नहीं कराते अपितु स्थानीय निकायों को भी काम होने के तुरंत बाद सड़कों की भराई का उन्हे सुधार देना चाहिए, वरना वहाँ हादसे होने की संभावना हमेशा रहेगी।

केन्द्रीय मंत्रि ने डी पी आर बनाने वालो से अपील की वो आफिस में बैठकर डी पी आर ना बनाए साथ ही इंण्डियन रोड कांग्रेस में इस विषय पर गहन चर्चा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया । आई. आर. सी के शोध पत्रों के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मत्री ने कहा कि हमें ऐसे शोध करने है जिसका इस्तेमाल विदेशों में भी हो ? हमारे ही देश के युवा जब विदेशों में शोध करते है तो हम उसे अपनाते है इसका मतलब हमारे अन्‍दर योग्‍यता है और हम उनसे बेहतर है । आई आर सी की पूर्णकालिक विश्‍व विद्यालय और शोध केन्‍द्र बनाये जाने का समर्थन करते हुए श्री. गडकरी ने कहा कि इसके लिए वो हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है ।

पर्यावरण पर बोलते हुए केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि पेड़ काटने के बजाए हमें पेड़ो की स्‍थानांतरित कर दुसरे स्‍थान पर लगाने की तकनीक अपनाने की जरूरत है । यदि मजबूरीवंश पेड़ काटना भी पड़े तो हम उसके स्‍थान पर 10 पेड़ लगॉंए । और वृक्षारोपण को नैतिक जिम्‍मेदारी समझते हुए असमें योगदान दें ।

श्री. गडकरी ने कहा कि हमें देश की व्‍यवस्‍था को भ्रष्‍ट्राचार से मुक्‍त बनाना है उसमें पारदर्शिता के साथ समयबध्‍द और परिणाम मूलक बनाने की आवश्‍यकता है। साथ ही प्रशासनिक सुधार और आर्थिक सुधारों की और भी ध्यान केन्दित करना होगा । इस मौके पर पूर्व अधिकारी पूर्व अधिकारी ए. जी. नारायणन और खड़कपुर आई. आई. टी के पोफेसर स्व. श्री बी. बी. पांडे को आई. आर. सी की तरफ़ से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। मधु इरमपल्ली को नेहरू अवार्ड से सम्मानित किया गया ।