Published On : Wed, Apr 8th, 2020

15 मई के बाद ही विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं

नागपुर. कोरोना के बढ़ते प्रादुर्भाव के कारण देशभर में लाकडाउन जारी है. यही वजह है कि स्कूल-कालेज बंद कर दिये गये हैं. यदि 15 अप्रैल से लाकडाउन खत्म हुआ तो भी विश्वविद्यालयों के लिए तुरंत परीक्षाएं लेना संभव नहीं हो सकेगा. मंगलवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने वीडियो कां‌फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों की बैठक ली.

इसमें परीक्षा से जुड़े विविध मुद्दों पर चर्चा की गई. इसमें विश्वविद्यालयों की परीक्षा 15 मई के बाद लेने पर सहमति बनी. चर्चा में बताया गया कि परिस्थिति सामान्य होने के बाद भी तुरंत परीक्षाएं लेने में दिक्कतें आएंगी. इससे नियोजन, परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया में भी अफरातफरी की संभावना बन सकती है. लाकडाउन की वजह से कई प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित की गई. होस्टलों को खाली कराया गया. विद्यार्थी और कई कर्मचारी भी अपने-अपने घरों में हैं.

यही वजह है कि तुरंत परीक्षा नहीं ली जा सकती. आरटीएम नागपुर विवि के उपकुलपति प्रा. सिद्धार्थविनायक काणे ने भी 15 मई से पहले परीक्षा लेने में असमर्थता दर्शाई. लाकडाउन हटने के बाद निर्माण होने वाली परिस्थितियों पर ही सब कुछ निर्भर करेगा. वर्तमान में विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए प्लान ए, प्लान बी और प्लान सी तैयार कर रहे हैं. योजना तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी. उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा तैयार की गई समिति के समक्ष सभी विश्वविद्यालयों की योजनाओं पर विचार करने के बाद ही परीक्षाओं का नियोजन किया जाएगा.


वार्षिक पैटर्न पर हो सकता है विचार
लाकडाउन की वजह से परीक्षाएं देरी से होगी. इसका परिणाम नये शैक्षणिक वर्ष पर भी पड़ेगा. यह भी स्थिति बन सकती है कि विश्वविद्यालयों के लिए सेमेस्टर पैटर्न से परीक्षा लेना मुश्किल हो जाये. इस हालत में शैक्षणिक वर्ष के कार्यकाल को भी कम किया जा सकता है. कम समय मिलने से एक सत्र में 2 सेमेस्टर परीक्षाएं नहीं ली जा सकती. इस हालत में पुराने वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया जा सकता है.