Published On : Fri, Jun 26th, 2015

यवतमाल : मरसुल में 33 केवी बिजली उपकेंद्र को मंजूरी


6 गावों में बिजली आपूर्ति होगी 

उमरखेड (यवतमाल)। विगत 10-12 वर्षो से मरसुल, बेलखेड, कुपटी, आमदरी, बारा और दसगांव के सभी संलग्न 6 गांवों को उमरखेड से बिजली आपूर्ति होती है. आमतौर पर ट्रांसफॉर्मर कुछ खराबी हो जाने से बिजली आपूर्ति खंडित हो जाती है. बिजली की इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए 6 गावों के सरपंचों ने विशेष ग्रामपंचायत बैठक आयोजित करके विधायक राजेंद्र नजरधने से 33 केवी बिजली उपकेंद्र की मांग की है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च माह में नागरिको ने उक्त समस्या के संदर्भ विधायक नजरधने को जानकारी दी थी. राज्य के ऊर्जा मंत्री बावनकुले ने चार माह की इस अल्पकालीन अवधी में किसानों और नागरिकों को पंडित दिन-दयाल ग्रा ज्यो के माध्यम से 33 केवी बिजली उपकेंद्र देने की मंजूरी दी है. विधायक नजरधने ने हज़ारो किसानों को सिंचाई और बिजली आपूर्ति देने का दिलासा दिया. जिसके लिए गांव वासियों ने उनके कार्य का अभिनंदन किया.

भारतीय जनता पार्टी के शहर अध्यक्ष, युवा नेता नितिन कुमार भूतड़ा के पास इस समस्या को लेकर गए थे. भूतड़ा ने इस मुद्दे को विधायक और बिजली मंडल के पास भेज दिया था. सुकली गांव के अंतर्गत इन 6 गावों को बिजली आपूर्ति होती है. मार्सुल में बिजली उपकेंद्र न होने से गांव वासियों को बिजली की सेवा कम प्रमाण में मिलती है. जिससे उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है और किसानों की सिंचाई की समस्या बनी रहती है. मरसुल में 33 केवी बिजली उपकेंद्र का काम तेज गति से होने की नागरिकों को जल्द ही राहत मिलेगी.

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