Published On : Wed, Jun 6th, 2018

रैगिंग को रोकने यूजीसी ने जारी किए पोस्टर

नागपुर: देश में कई शैक्षणिक संस्थानों में कुछ वर्ष पहले सीनियर विद्यार्थियों द्वारा जूनियर विद्यार्थियों की रैगिंग ली जाती थी. जिसके कारण कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या भी की. लेकिन सख्त कानून बनने के बाद इस पर कुछ प्रमाण में रोक लगी है. बावजूद इसके कई जगहों पर रैगिंग की घटनाएं अब भी सामने आती रहती हैं. 2009 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशनुसार रैगिंग को एक क्रिमिनल गुनाह घोषित किया गया है.

देश के शिक्षा संस्थानों में और सभी यूनिवर्सिटी में रैगिंग को लेकर जागरुकता आए और यूनिवर्सिटी द्वारा इसको लेकर बने कानून का पालन हो. जिससे की सभी विद्यार्थियों को भी इस कानून को लेकर जानकारी हो. इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर यूजीसी ( विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने रैगिंग को लेकर 4 पोस्टर जारी किए हैं.

जिसे देश के सभी यूनिवर्सिटी में भेज दिया गया और यह यूनिवर्सिटी और शिक्षा संस्थानों को यह बताया गया है कि यह चार पोस्टर ऐसी जगहों पर लगाए जहां पर विद्यार्थियों का ज्यादा आना जाना हो. इसमें हॉस्टल, कैंटीन, मेस, ऐकडेमिक ब्लॉक्स में लगाने की सूचना दी गई है.