Published On : Thu, Aug 29th, 2019

ठेकेदार से रिश्‍वत लेते 2 महिला कर्मचारी गिरफ्तार

गोंदिया जिला परिषद बांधकाम विभाग दफ्तर में एसीबी की कार्रवाई से हड़कंप

गोंदिया। जिला परिषद के सार्वजनिक बांधकाम विभाग में वरिष्ठ सहायक लिपिक के पद पर कार्यरत रेखा राऊत तथा परिचर पद पर कार्यरत रविंद्रा लांजेवार इन्हें शिकायतकर्ता ठेकेदार से 1200 रूपये की रिश्‍वत स्वीकारते भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग टीम ने 29 अगस्त को कार्रवाई करते रंगेहाथों धरदबोचा।

एसीबी सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार शिकायतकर्ता ठेकेदार को वर्ष 2017-18 में ग्रामीण क्षेत्रों में मुलभूत सुविधा पहुंचाने हेतु चलायी जा रही योजना के तहत ग्राम झिटाबोड़ी में सामाजिक सभागृह बांधकाम करने का टेंडर मिला था जिसपर शिकायतकर्ता ने निर्धारित समयावधी के भीतर काम पूर्ण करते हुए 3 लाख का बिल जिला परिषद के सार्वजनिक बांधकाम विभाग में प्रस्तुत किया। उक्त बिल पास न होने पर ठेकेदार ने महिला परिचर लांजेवार से पूछताछ की। बिल की रकम निकालने हेतु परिचर लांजेवार ने स्वंय के लिए 200 रू. तथा लिपिक मैडम के लिए 1000 रू. रिश्‍वत देने की डिमांड कर दी।

शिकायतकर्ता रिश्‍वत की रक्कम देने का इच्छुक नहीं था जिसपर उसने 28 अगस्त को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग गोंदिया के दफ्तर पहुंच शिकायत दर्ज करायी।

एसीबी टीम अधिकारियों ने मामले की जांच पड़ताल की तथा 29 अगस्त को जिला परिषद के सा.बां. विभाग में दबिश दी तथा योजनाबद्ध तरीके से वरिष्ठ सहायक लिपिक रेखा राऊत (45) तथा परिचर रविंद्रा लांजेवार (46) इन्हें शिकायतकर्ता ठेकेदार के बिल की रकम ऑनलाईन पद्धति से ग्राम पंचायत दासगांव के खाते में जमा करने के ऐवज में 1200 रू. की रिश्‍वत स्वीकारते डिटेन किया गया।
भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग की इस कार्रवाई के बाद घूस महल के नाम से प्रसिद्ध जिला परिषद के समस्त कार्यालयों में कर्मचारियों के हीच हड़कंप मचा हुआ है, यह विशेष उल्लेखनीय है।

उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मी नांदेडकर, अप्पर अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, पुलिस निरीक्षक शशिकांत पाटिल, सफौ विजय खोब्रागड़े, शिवशंकर तुमड़े, पो.ह. राजेश शेंद्रे, प्रदीप तुलसकर, नापोसि रंजित बिसेन, नितीन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, दिगंबर जाधव, मनापोसि वंदना बिसेन, गीता खोब्रागड़े व चालक देवानंद मारबते आदि ने की।