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    Published On : Wed, Jan 31st, 2018

    मोदी को तोगड़िया की सलाह भी, चेतावनी भी!

    Praveen Togadia and Narendra Modi
    पिछले दिनों अपने ‘एनकाउंटर’ की आशंका जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने वाले विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एकबार फिर प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिया है।

    दिलचस्प कि राजस्थान सरकार के बाद गुजरात सरकार द्वारा अपने खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों की वापसी के बाद तोगड़िया ने जहाँ गुजरात के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया, वहीं प्रधानमंत्री मोदी को सरमन दे डाला कि,’जिन सीढ़ियों से चढ कर ऊपर गए, उन्हें तोड़ना नहीं चाहिए।’

    प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा प्रधानमंत्री को निशाने पर ले तोगड़िया ने तब सनसनी पैदा कर दी थी।कुछ दिनों के मौन के बाद,अहमदाबाद में चुप्पी तोड़ते हुए तोगड़िया ने जिस कठोर लहजे में प्रधानमंत्री मोदी को सलाह देने की आड़ में चेतावनी दे डाली है,वे उल्लेखनीय हैं।मोदी को “मोटा भाई” निरुपित करते हुए तोगड़िया ने जो कुछ कहा, उसके दूरगामी परिणाम तय हैं
    जरा तोगड़िया के इन शब्दों पर ध्यान दें: “…आशा है मोटा भाई भी आसमान से नज़र थोड़ी जमीन पर कर के हमारे जैसे पुराने मित्रों से संवाद के कष्ट करें।हम जमीन से जुड़े लाखों कार्यकर्ताओं से जुड़े हैं।साथ बैठ कर संवाद विदेशों से करते हैं, देश में बैठे हम जैसों से भी कभी संवाद करें।समय का पहिया और ईश्वर के निर्णय ‘प्लांटेड मीडिया स्टोरीज’और ‘मैन्युफैक्चर्ड सर्वे’पर नहीं होते।जिन सीढ़ियों से चढ़ कर ऊपर गए, उन्हें तोड़ा नहीं जाता।यह भारत का संस्कार नहीं है।देशभक्ति, हिन्दुत्व कोई शो के ‘इवेंट’नहीं हैं!”

    तोगड़िया ने न केवल ‘अकृतज्ञ प्रधानमंत्री’ को चिन्हित किया, उनकी विदेश नीति के साथ-साथ मीडिया में सरकारी बखान और सरकार के पक्ष में गुणगान वाले कथित पक्षपाती सर्वे रिपोर्टों की भी खिल्ली उड़ा कर प्रधानमंत्री और बनावटी सरकारी छवि की धज्जियां उड़ा दी है।खास बात कि देशभक्ति और हिंदुत्व के मोदी-प्रलाप पर भी तंज़ कस तोगड़िया ने प्रधानमंत्री को नग्न करने की कोशिश की है।

    मतलब साफ है।प्रधानमंत्री को आंतरिक चुनौतियां मिलनी शुरू हो चुकी हैं।जिन मुद्दों को लेकर विपक्षी दल मोदी और सरकार पर हल्ला बोलते रहे हैं, उन्हीं मुद्दों के साथ अंदर से भी उन पर हमले शुरू हो चुके हैं।आने वाले दिनों में ये हमले बढ़ेंगे, धारदार होंगे,येभी तय है।
    तो क्या अगले आम चुनाव के पूर्व प्रधानमंत्री को विपक्ष के साथ-साथ ‘विभीषणों’ से भी लड़ना होगा?मोदी के प्रधानमंत्री बनने के छः माह बाद ही आशंका व्यक्त की गई थी कि आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति में मोदी के सामने दिलचस्प मोड़ आएंगे।…और तब’मोदी बनाम शेष’ के बीच राजनीतिक-युद्ध’होगा।तब की आशंका आज सच के रूप में अवतरित है।

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