Published On : Thu, May 17th, 2018

बंगाल पंचायत चुनाव में टीएमसी को कामयाबी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के नतीजे आज शाम तक सामने आ जाएंगे। पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमान पर हिंसा की घटनाओं को देखते हुए मतगणना स्थलों पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। इससे पहले बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को जिन 568 मतदान केंद्रों पर हिंसा की शिकायतें मिली थीं वहां छिटपुट हिंसा के बीच पुनर्मतदान संपन्न हुआ था।

आयोग के मुताबिक लगभग 70 फीसद मतदान दर्ज किया गया। हुगली में 10, पश्चिम मिदनापुर में 28, कूचबिहार में 52, मुर्शिदाबाद में 63, नदिया में 60, उत्तरी 24 परगना में 59, मालदा में 55, उत्तर दिनाजपुर में 73 और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 14 मई को हुए पंचायत चुनावों में व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी। जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी और 43 अन्य घायल हो गए थे।
पंचायत चुनाव के शुरुआती रुझानों में टीएमसी को बढ़त मिलती नजर आ रही है। नतीजों के औपचारिक ऐलान से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव के नतीजों को इस लिए अहम बताया जा रहा है क्योंकि इससे जमीनी स्तर पर टीएमसी, बीजेपी, सीपीएम के ताकत का अंदाजा लग सकेगा।

एनएनआई के मुताबिक 31, 814 ग्राम पंचायतों में टीएमसी को 110 सीटों पर जीत हासिल हुई है जबकि 1208 सीटों पर आगे हैं। बीजेपी के खाते में चार सीट गई है जबकि वो 81 सीटों पर आगे है। लेकिन सीपीएम के खाते में अबतक महज तीन सीट गई है और 58 सीट पर वो आगे है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। चुनाव वाले दिन अकेले 12 लोगों की मौत हुई थी।

लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने निष्पक्ष चुनाव न करा पाने के लिए पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हुई है।
बुधवार को केंद्र सरकार ने कहा था कि पंचायत चुनाव के दौरान जिस तरह से हिंसा हुई थी, वो पश्चिम बंगाल में कानून के राज की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव को अहम बताया जा रहा है।