Published On : Tue, Apr 7th, 2015

मूल : बाघ का शिकार, 3 गिरफ्तार


2 दांत, 5 नाखून, 9 मूंछें बरामद

Tigers teet and Beard
मूल (चंद्रपुर)। छह माह पूर्व ताड़ोबा-अंधारी बाघ परियोजना के बफर जोन स्थित भादुर्णी गांव के सटे जंगल में बाघ का शिकार किए जाने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया. बाघ के अवयव बेचने के लिए लाते समय उन्हें गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के पास से वन विभाग ने 2 दांत, 5 नाखून तथा 9 मूंछें बरामद की है. यह कार्रवाई सोमवार 6 अप्रैल सुबह 11:30 बजे मूल बस स्थानक पर वनपाल विनोद जांभुले के नेतृत्व में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी के उमेश झिरे के सहयोग से की गई.

बाघ के अवयव बेचने मूल ला रहे दिलीप मडावी (50) को पहले गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के बाद घटना की विस्तृत जानकारी मिली तथा उसकी निशानदेही पर ही इस शिकार में शामिल रामप्रसाद गुरुनुले (40) तथा विनायक मदिरवार (30) को भी गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में और भी कई लोगों के शामिल होने के कारण और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने बताया कि छह माह पूर्व मूल शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर बफर जोन में आने वाले भांदुर्णी के कम्पार्टमेंट क्रमांक 485 में उन्होने जंगली सुअर के शिकार के लिए ट्रैप लगाया था. जंगली सुअर की जगह उस ट्रैप में बाघ फंस गया. उसे कुल्हाड़ी से काट कर उसके अवयव निकाले गए तथा कुछ दूरी पर ले जा कर जला दिया गया. शव पूरी तरह नहीं जलने से वहां के करीब एक किमी दूर नदी के पास ले जाकर बाघ के अधजले शव को परिसर में गाड़ दिया. आरोपी के निशानदेही पर बाघ के अधजले अवयवों को भी बरामद किया गया. घटनास्थल पर ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के सहा. वनसंरक्षक पवार, वनपरीक्षेत्राधिकारी पेंदोरे, नॉन बफर सहा. वनसंरक्षक विवेक मोरे, वनपरीक्षेत्राधिकारी पठाण, क्षेत्र सहा. जांभुले, पर्यावरण मित्र उमेश झिरे उपस्थित थे.