Published On : Tue, Dec 3rd, 2019

वे जीव सौभाग्यशाली जो हरिनाम स्मरण करे व कराएः सदानंद जी महाराज

महाप्रसाद के साथ श्रीकृष्ण प्रणामी परिवार की भागवत कथा का समापन

नागपुर: श्री कृष्ण प्रणामी परिवार के तत्वावधान में पूर्व वर्धमान नगर के श्री वीसालाड़ वणिक समाज भवन में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया गया. पांच दिवसीय भागवत कथा में संत शिरोमणि सदानंद जी महाराज ने भक्तों को भागवत के विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कराया. कथा व्यास ने अंतिम दिवस मंगलवार को कहा कि मनुष्य में वे लोग निश्चित ही सौभाग्यशाली हैं और कृतार्थ हंै जो कलिकाल मंे श्री हरिनाम का स्मरण करते हैं और कराते हैं. भगवान श्री कृष्ण की कथा का श्रवण और उनका कीर्तन दोनों ही पवित्र करने वाले हैं. प्रभु अपनी कथा सुनने वाले के हृदय में आकर स्थिर हो जाते हैं और उनके अशुभवासनों को नष्ट कर देते हैं. क्योंकि वे भक्तों के सुहृदय है.

आज कथा के अंतिम दिवस परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा लौकिक और पारलौकिक सुख, संपदा प्रदान करने वाली है. भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को जागृत करने वाली है. भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी दुःखों का नाश हो जाता है. जरूरत इसे प्रेम व भक्ति के साथ श्रवण कर चित्त में उतारने की है. कथा के बाद महाप्रसाद का आयोजन किया गया. जिसका लाभ असंख्य भक्तों ने लिया.

व्यासपीठ का पूजन कैलाश चंद अग्रवाल, गिरधारी अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, दिनेश गोयल, सतीश जिंदल, सजन अग्रवाल, हजारीलाल अग्रवाल, शंकर अग्रवाल, पवन अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, मुरली महिपाल, महेंद्र शर्मा, देवकुमार शर्मा, अशोक पंडित, वीरंेद्र चैधरी, अनुसूर्या अग्रवाल, मधु अग्रवाल, भगवती अग्रवाल, कलावती अग्रवाल, विमला गाडोडिया, लक्षमी अग्रवाल, शैली अग्रवाल, दीपा गोयल, मीनु अग्रवाल, गीता शर्मा ने किया.