Published On : Fri, Mar 20th, 2020

कोरोना को लेकर रविभवन में कोई व्यवस्था नहीं

जबकि मनापायुक्त मुंढ़े का निवास,राज्य के 2 दिग्गज मंत्री का स्थाई कार्यालय फिर भी सफाई कर्मियों से बिना बंदोबस्त लिया जा रहा काम

नागपुर – कोरोना वाइरस का देश में कहीं फैलाव न हो,इसलिए प्रधानमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक सतर्कता बरती जा रही।इसके विपरीत इसके संदिग्ध मरीजों के लिए आरक्षित रवि भवन परिसर में कोई व्यवस्था नज़र नहीं आई। जबकि इस परिसर में मनापायुक्त तुकाराम मुंढ़े का निवास,राज्य के 2 दिग्गज मंत्री नितिन राऊत व अनिल देशमुख का स्थाई कार्यालय हैं।

इसके पूर्व नागपुर टुडे ने रवि भवन की अनियमितता को उजागर किया था। यहां आज भी ठेका श्रमिकों का शोषण हो रहा। परिसर में 21 कॉटेज और फ्लैटनुमा रहने की व्यवस्था हैं, जिसका देखभाल राज्य की लोककर्म विभाग करती हैं।

परिसर की साफ-सफाई के लिए दर्जनभर कर्मियों की आवश्यकता हैं लेकिन 2 कर्मियों से ही काम चलाया जा रहा। मनपा की स्वास्थ्य विभाग ने परिसर में दौरा किया और जुर्माना ठोका तो साफ-सफाई के ठेकेदार ने रोजनदारी पर सिर्फ 3 दिन कर्मी रख भगा दिए।

इन दिनों यह परिसर कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए आरक्षित किया गया। परिसर के 21 कॉटेज की साफ-सफाई के लिए मात्र 10 महिला कर्मियों से बिना कोई कोरोना से बचाव की किट दिए काम लिया जा रहा। इनकी मजबूरी यह हैं कि जरा भी आनाकानी की तो नौकरी से महरूम कर दिया जाएगा। इस डर से सभी मनममोस कर काम कर रहे,इनका आर्थिक शोषण भी पिछले 10 माह से जारी हैं, इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा,माह में 6-6 हज़ार थमा दिया जा रहा।

ठेकेदारों द्वारा उक्त शोषण की जानकारी लोककर्म विभाग के मुख्य अभियंता,कार्यकारी अभियंता,उपअभियंता,कनिष्ठ अभियंता को होने के बावजूद कनिष्ठ अभियंता द्वारा ऊपर से लेकर अधिकारी वर्ग से समझौता कर ठेकेदार को संरक्षण दे रहा। कोरोना वाइरस और उसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिखाई जा रही गंभीरता के प्रति राज्य लोककर्म विभाग गंभीर नहीं।