Published On : Mon, Jul 22nd, 2019

सावन में शिवपुराण का पाठ व नाम स्मरण परम सुखदायीः बालव्यास योगेश जी महाराज

शिवमहापुराण कथा की निकली मंगल कलश यात्रा

नागपुर : सावन मास में भगवान शिव के शिवपुराण के पठन, उनके नाम स्मरण, श्रवण से प्राणी मात्र के सारे कष्ट दूर हो व परम सुख को प्राप्त करता है. जो व्यक्ति शिव पुराण को पढ़ता है उसे भोग और मोक्ष दोनों की ही प्राप्ति सरलता से हो जाती है. यदि अनजाने या जान बूझकर किसी जीव से पाप हो जाए तो शिवपुराण के श्रवण व भगवान शिव के नाम स्मरण से उसके घोर से घोर पाप धुल जाते हैं. उक्त उद्गार सावन मास के प्रथम सोमवार को आरंभ सामूहिक शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव में चित्रकूट निवासी श्री बालव्यास योगेश कृष्ण जी महाराज ने व्यक्त किए. शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन अशोक चैक के दुर्गा माता मंदिर में 30 जुलाई तक किया गया है. कथा के मुख्य यजमान अनुसूया सुंदरलाल रेवाडिया, जयंती बबनराव रेवाडिया हैं.

कथा महात्म्य से पूर्व ग्रेट नाग रोड से कथा स्थली तक मंगल कलश यात्रा निकाली गई. कलश यात्रा में 51 कलश धारण कर महिलाएं आगे चल रही थीं. पश्चात बालव्यास योगेश कृष्ण जी महाराज का रथ चल रहा था. बैंड बाजे में आरती की धुन पर भक्त श्रद्वालु डूब कर नाच रहे थे.

महाराज श्री ने आगे कहा कि भगवान शिव सदैव लोकोपकारी और हितकारी हैं. अन्य देवताओं की तरह भगवान शिव को सुगंधित पुष्पमालाओं और मीठे पकवानों की आवश्यकता नहीं पड़ती. वे तो स्वच्छ जल, बिल्व पत्र, कटीले और न खाए जाने वाले पौधों के फल धतूरे आदि से ही प्रसन्न हो जाते हैं.
शिव को मनोरम वेशभूषा व अलंकारों की भी जरूरत नहीं वे तो औघड़ बाबा हैं. जटाजूट धारी, गले में लिपटे नाग और रूद्राक्ष की मालाएं, शरीर पर बाघंबर, चिता की भस्म लगाए व हाथ में त्रिशूल पकड़े हुए वे सारे विश्व को अपनी पद्चाप तथा डमरू की कर्णभेदी ध्वनि से नचाते हैं.

इस अवसर पर प्रथम पूजन यजमान परिवार व मोरेश्वर भांडारकर, श्रावण मानकर, अभिषेक कारेमोरे, योगेश तिवारी, अनिल भांडारकर, सुनील नांदुरकर, अजय हाथीबेड, आशीष बोथरा, गोपाल राठी, राजू शर्मा, हेमंत शुक्ला, प्रवीण सोलंके, प्रशांत पावेसकर, घाडगे दीदी, बल्लू विश्वकर्मा, सुनील पोहाने, चंदू चैहान, गोलू कोसे, गणेश राउत, नरेश वाघमारे ने किया. मंगलवार को नारदमुनि की कथा व शिवप्रकट की कथा होगी. कथा का समय दोपहर 3 से 6 रखा गया है.