Published On : Sat, Jan 13th, 2018

रॉयल्टी की समय सीमा समाप्ति के बाद भी धड़ल्ले से जारी हैं ढुलाई


नागपुर: नागपुर जिले में ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन में जिले के खनिज सम्पदा की खुलेआम चोरी होने का आरोप वर्षों से नियमित लगता रहा है. इस चोरी और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने में जिलाप्रशासन और प्रत्यक्ष तौर पर जिला खनन विभाग की बड़ी भूमिका रही है. इसी क्रम में चक्की खापा निवासी सामजिक कार्यकर्ता विवेक सिसोदिया ने एक और नया आरोप जड़ते हुए जानकारी दी कि आउटर रिंग रोड के निर्माण में ठेकेदार कंपनी एमईपी शुरुआत से ही रॉयल्टी की समय सीमा समाप्ति के बाद भी धड़ल्ले से जारी है, ढुलाई का क्रम जारी रखे हुए हैं. इस मामले में जिलाप्रशासन का प्रत्यक्ष शह होने की भी शंका उन्होंने व्यक्त की. समय रहते जिला प्रशासन, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण द्वारा की गई गड़बड़ियों पर उचित क़ानूनी कार्रवाई नहीं की तो वे अंत में न्यायलय से अपील कर न्याय के लिये दरख्वास्त करेंगे.

सिसोदिया के अनुसार आउटर रिंग रोड का निर्माण राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के अधीनस्त पुणे की एमईपी कंपनी कर रही है. इन पर पहला आरोप यह लगा कि यह ठेकेदार कंपनी व राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के विभागीय कार्यालय नागपुर के अधिकारी रिंग रोड के लिए तय ‘सेंटर लाइन’ छोड़ कर काम कर रहे हैं. सड़क निर्माणकार्य में गुणवत्ता की भारी कमी के साथ ही साथ सरकारी सड़क निर्माण के आवंटित रॉयल्टी ख़त्म होने के बाद भी समय सीमा समाप्त हो चुके रॉयल्टी के आधार पर खनन की चोरी और जिला प्रशासन का राजस्व डूबा रहे हैं.

सिसोदिया के अनुसार औसतन २० % रॉयल्टी के साथ ८० % बिना रॉयल्टी की गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं. दर्जनों ट्रक-टिप्पर चालकों से चर्चा बाद यह जानकारी सामने आई कि वे सिर्फ आदेश का पालन कर रहे हैं. इस ग़ैरकृत में ट्रांसपोर्टर और ठेकेदार कंपनी एमईपी की साठगांठ को नाकारा नहीं जा सकता है. अमूमन सभी छोटे-बड़े ट्रक-टिप्पर ट्रांसपोर्टर अभिषेक शर्मा के अधीन दौड़ रहे हैं. यह शर्मा वही हैं जिन्होंने लोणारा से रामनाथ सिटी तक सड़क निर्माण का पेटी कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है.

ज्ञात हो कि एमईपी को १२०० करोड़ का ठेका आउट रिंग रोड निर्माण के लिए शुरुआत में दिया गया था. यह राशि जीएसटी के नाम पर बढ़ाई भी जा सकती है. सड़क निर्माण के लिए खनन पूर्ति करने के लिए जिला प्रशासन खदानों का आवंटन भी करती है, ठेकेदार और जिला खनन विभाग तय खुदाई क्षेत्र से १० गुणा ज्यादा खुदाई कर खनन का दोहन के साथ जिला राजस्व को नियमित चुना लगा रहे हैं.

सिसोदिया ने राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण,सड़क निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी एमईपी और जिलाधिकारी से मांग की है कि शहर विकास के लिए आउटर रिंग रोड की नितांत आवश्यकता है लेकिन जारी निर्माण कार्य संबंधी गड़बड़ियों को सभी नज़रअंदाज कर रहे हैं. समय रहते सुधार और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई तो जल्द ही वे स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाकर न्यायलय में गुहार लगाएंगे.