Published On : Mon, Mar 9th, 2020

व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य सदृढ़ होना चाहिए -डॉ विजय बारसे

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एनजीओ द्वारा जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन

ओकटे,जिप सीईओ ,एडीएम ने बढ़ाया मानसिक रोगियों का हौसला

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सौंसर -हर क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य सदृढ़ रहना आवश्यक है ,व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होगा उसका जीवन भी अच्छा होंगा ,खेल के क्षेत्र में भी खिलाडी का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना आवश्यक ,खेल के मैदान में जाने वाले खिलाडी मानसिक रूप से सक्षम रहे इसके पीछे मनोचिकित्स्क की अहम भूमिका होती है,अगर मैदान पर हमे विजय पाना हैं तो हमारा मानसिक तैयारी बेहततरीन होनी चाहिए ,मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थाओं के प्रयास लोगो का जीवन बदल सकता हैं यह विचार स्लम सॉकर (झोपड़ पट्टी ) फुटबॉल के संस्थापक डॉ विजय बारसे ने शनिवार को ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान द्वारा शांतिनाथ होटल में आयोजित जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में व्यक्त किए।

कार्यशाला के उदघाटन कार्यक्रम में कृषि विकास कल्याण परिषद के सदस्य विश्वनाथ ओक्टे , जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश ,अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही , छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ जीबी रामटेके ,आरटीओ सुनील शुक्ला ,एसडीएम अतुल सिंह, शुक्ला ,जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शरद बंसोड़,मनोचिकित्सक डाॅ. विजया सकपाल ,संस्था प्रमुख श्यामराव धवले ,दिल्ली के मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार डॉ विक्रम गुप्ता,संस्था संचालक अजय धवले , डॉ पुरुषोत्तम वनकर ,समाजसेवी राजीव बिंद्रा ,जीसी मालवीय ,राजेश शर्मा , संध्या ढगे प्रमुखता से उपस्थित थे। श्री बारसे ने कहा कि झोपड़ पट्टी के बच्चे व्यसनों और अपराध की दुनिया से दूर रहे इसलिए उन्हें फुटबॉल सिखाना शुरू किया,चोरी ,नशा करने वाले झोपड़ पट्टी के बच्चे आज विदेशो में फुटबॉल मैच खेलने जाते है ,फुटबॉल ने हजारो बच्चो का जीवन बदल दिया।

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मेरे इन कार्यो को लेकर झुंड नाम की फिल्म हाल ही में बनी हैं और उसमे मेरी भूमिका में अभिताभ बच्चन ने निभाई हैं। फिल्म 8 मई को आपके सामने आएगी। संस्था प्रमुख श्यामराव धवले ने संस्था द्वारा सौंसर क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कृषि विकास कल्याण परिषद के सदस्य विश्वनाथ ओक्टे ने कहा कि मानसिक रोगियों के लिए कार्य करना पुण्य का कार्य हैं। राज्य सरकार दिव्यांगों के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं और संस्थाओ को हरसंभव मदद की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश ने कहा कि मानसिक रोगियों के बारे खुलकर चर्चा होनी चाहिए ,जामसांवली आने वाले मानसिक रोगियों के लिए प्रशासन और संस्था मिलकर कार्य करेंगे।

अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही ने कहा कि स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य में अंतर् है ,दिव्यांगता को लेकर लोगों की सोच बदल रही है ,समाज की और से उन्हें सकारात्मक व्यवहार मिल रहा हैं। संस्था द्वारा संचालित संजीवनी मानसिक स्वास्थ्य द्वारा समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त व्यक्ति का समावेश सुनिश्चित करने में समाज की सहभागी भूमिका” इस विषय पर मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉक्टर , विशेषज्ञ,एनजीओ के प्रतिनिधि के साथ मानसिक रोगियों के परिजनो विचार -विमर्श किया। कार्यक्रम में विजय बारसे और मनोचिकित्सक डॉ विजया सपकाल और मानसिक रोगियों के देखभालकर्ता और ग्रामदूतो का विशेष सम्मान किया गया ।

अतिथियों ने मानसिक रोगियों को बहुदिव्यांगता प्रमाण वितरित किये गए। संस्था दिव्यांगों और मानसिक रोगियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए सौंसर, पांढुर्णा और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में कार्य किया जा रहा है।

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