Published On : Thu, Mar 19th, 2015

यवतमाल : मुख्य डाकघर के आर.डी. काऊंटर कर्मी कर रहें गैरवर्तनूक

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  • डाकघर के कर्मि दें रहें बेहताशा तकलीफ महिला आर.डी एजन्टों को
  • नये अकाऊंट खोलने के लिए डाककर्मियों का टालमटोल रवैया
  • डाकघर आनलाईन होने के पश्चात भी नहीं खुले नये आरडी अकाऊंट
  • नहीं मिल रहीं आरडी पासबुक एन्ट्रीयां

Ywatmal post office worker
यवतमाल। स्थानीय मुख्य डाकघर के आर.डी. काऊंटर पर संबंधित कामकाजों के लिए महिला आरडी एजेंटों को अच्छी सेवा नहीं दें रहें है. जबकि मुख्य डाक घर आनलाईन याने कोअर बैंकीग प्रणाली मार्च 2014 के अंत से शुरू हुई. तब से लेकर आज तक इस मुख्य डाकघर के आर.डी. काऊंटर के डाककर्मियों से अभिकर्ताओं को अच्छा बर्ताव नहीं करते. जिससे मुख्य डाकघर के आरडी काऊंटर का कारोबार आन लाईन होने के पश्चात भी कार्यों में पिछे छूट गया है. जब कोई असुविधा होंती है तो उस पर अमल नहीं किया जाता. सिधे आरडी काऊंटर पर कार्यरत कर्मी महिला अभिकर्ताओं को उन्हें एजन्टशिप छोड़ क्यों नहीं देते? ऐसी धमकियां देते है. जिससे मुख्य डाकघर के महिला आर.डी. अभिकर्ताओं को त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है.

पिछले मार्च 2014 के अंत से पोस्ट ऑफिस का कामकाज आनलाईन हो गया. तब से लेकर आजतक किसी भी आर.डी. अभिकर्ता के खातेदार के पासबुक पर एंन्ट्रीयां तक नहीं दी जा रहीं है. यहां का पोस्ट ऑफिस आनलाईन होने के पूर्व सभी अभिकर्ताओं ने खातेदारों के आरडी पासबुक जमा राशि की जानकारी पासबुक से ली थी. फिर भी कुछ खातेदारों के किताबों में पैसे भरने के पश्चात भी उस किताब में पैसे कम भरे जाने की बात कई अभिकर्ताओं के खातेदारों के पासबुक में उजागर हुई है. जिससे इन सभी पासबुकों पर ड्यू लग रहा है. आनलाईन प्रक्रिया शुरू होने के पूर्व जो सही डाटा मुख्य शाखा को भेजना चाहिए था, वह नहीं भेजा गया. जिससे इन किताबों पर ड्यू की राशि खातेदारों को भरनी पड़ रही है. जिससे आरडी पासबुक पर एन्ट्री भी नहीं दी जा रही है. जिससे खातेदारों को जमा राशि के बारे में ठिक से अभिकर्ता नहीं बता पा रहें है. जिससे उन्हें डाकघर कारोबार पर सवालियां निशान खड़े हों गए है? मुख्य डाकघर की महिला अभिकर्ताओं को आर.डी. लॉट भरने की राशि 10 हजार रुपए समित रखी गई है. जिससे 10 हजार टोटल होंगी, इतनी किताबे एक लॉट में भर सकते है. जिस पर महिला अभिकर्ताओं को 4 फिसदी कमीशन मिलता है याने 10 हजार की राशि पर 400 रुपए और 10 फिसदी आयटी कटौती की जाती है याने 40 रुपये इंन्कम टैक्स की कटौती होती है. इसमें 360 रुपए उनके सेविंग खाते में जमा होते है. 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 तक अभिकर्ताओं से टीडीएस की जो कटौती की गई उसके लिए 16 नंबर का फार्म अबतक इन अभिकर्ताओं को मुख्यडाक घर से प्राप्त नहीं हुआ.

महिला प्रधान अभिकर्ताओं को एक दिपन में कितने लॉट भरने है, इसके लिए कोई निर्भंध नहीं है. लेकिन यहां पर निर्भंध ड़ाले गए कि एक दिन में 3 या 2 या 1 ही लॉट आप भर सकते है. जिससे डर लगा रहता है कि, इन महिला अभिकर्ताओं के पास खातेदारों से जमा की गई राशि जो उन्हें साथ लेकर घुमना पड़ता है. जिससे चोरी होने या रास्ते में छिनने का डर लगा रहता है. कभी-कभी तो काऊंटर पर लॉट के पैसे नहीं लिए जाते, टालमटोल का रवैया काऊंटर के कर्मी अपनाते है. उन्हें कहा जाता है कि, पैसे ट्रेझरी में भरने के लिए कहते है. आन लाईन प्रक्रिया से जो सुविधाएं इन अभिकर्ताओं को मिलनी चाहिए वहां पर असुविधा ही मिल रहीं है. जब आनलाईन प्रक्र्रिया शुरू हुई तब से लेकर अबतक अभिकर्ताओं के लिए स्वतंत्र खिड़की की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. कई बार तो लिंक फेल होने का भी डर रहता है. जिससे 1 से 15 तारीख में खुले खातों को माह के 15 तारीख के अंदर और 15 से 30 में खोले गए खातों को माह के 25 तारीख तक भरने के लिए कहा जाता है. अभिकर्ताओं को सिधे माह के 25 तारीख याने आरडी की राशि जमा करने की माह की अंतिम तारीख बताई जाती है. 25 तारीख के बाद यह राशि स्विकृत नहीं की जाएगी, ऐसा भी यहां काऊंटर पर नोटिस द्वारा अभिकर्ताओं को बताया जाता है. जो अभिकर्ता सुबह से लेकर शाम तक वसूली के लिए जाना पड़ता है उन्हें देर तक यहां पोस्ट ऑफिस कार्यालय में घण्टों लाईनों में खड़ा रहना पड़ता है. यहां पर किसी न किसी बात को लेकर महिला अभिकर्ताओं को अपमानित किया जाता है. उनसे ठिक से वर्तन नहीं मिलता. यहा पर अभिकर्ताओं को अपमानस्पद शब्दों में कहा जाता है कि आरडी का कमीशन देकर तुम पर उपकार करते है, जिन अभिकर्ताअओं के घर परिस्थिति अच्छी है उन्हें कहा जाता है कि, आपको यह काम करने की क्या जरूरत है?

अगर किसी इंटरनैशल बैंक, भारत सरकार द्वारा स्थापित बकों के साथ-साथ अब इंडियम पोस्ट ऑफिस भी आन लाईन हो गया है. बैंकींग सुविधा के नाम पर यहां असुविधाओं का सामना आरडी महिला अभिकर्ताओं को करना पड़ रहा है. जिससे जब ऑनलाईन प्रणाली शुरू हुई तब से लेकर खातेदार का नया खाता खोलने के लिए पोस्टऑफिस के कई चक्कर काटने पड़ते है. जिससे इन अभिकर्ताओं को घण्टों लाईन में खड़े रहकर उनका समय भी बर्बाद होता है और नया खाता भी नहीं खुलता. अगर लाईन से नंबर लग भी जाए तो नये आर.डी आकाऊंट खोलने के लिए इस माह की 15, 16, 17 तारीख निकल गई फिर अभिकर्ताओं द्वारा नये आर.डी. अकाऊंट के फार्म स्विकारें नहीं गए.

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इन डाकघर के आर.डी. अभिकर्ताओं के घर कमीशन पर चलता है. उन्हें कोई चारा नहीं होने से उन्हें नाहक डाकघर के आरडी काऊंटर के कर्मियों से त्रासदी और अपमान सहना पड़ता है.  जिससे कुछ अभिकर्ताओं ने अपनी एजंटशीप बंद भी किए है. जिसका खामियाजा पोस्ट के आर.डी. बचत खातों पर पड़ रही है. कोई महिला अभिकर्ता माह में 50 हजार की खातेदारों से वसूली करके पोस्ट ऑफिस में जमा करती है, ऐसे अभिकर्ताओं ने इस त्रासदी के चलते एजंटशीप बंद कर दी तो इसमें पोस्ट ऑफिस का ही घाटा होनेवाला है. जिससे इस व्यवहार को सुधारकर इन महिला अभिकर्ताओं को अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो यह भी हो सकता है कि इन्हीं अभिकर्ताओं के भरोसे पोस्ट ऑफिस को लाखों रुपए जमा हों सकते है. जिससे व्यवहार भी बढ़ेगा और आमदनी भी बढ़ेगी. अभिकर्ताओं को अच्छा रोजगार भी उपलब्ध होगा. इन महिला आर.डी. अभिकर्ताओं ने आर.डी. लॉट के नियमों की सूची मांगने पर उन्हें टालमटोल के जवाब मिलते है. जिससे इन शिकायतों को संबंधितों ने गंभीरता से लेकर इस पर कायमसरूपी हल निकालना जरूरी है. जिससे इन आर.डी. महिला अभिकर्ताओं को पोस्ट ऑफिस आने पर असुविधाओं का सामना न करना पड़े. इनके साथ अच्छा बर्ताव किया जाए, जिससे पोस्ट ऑफिस के लेन-देन पर असर पड़ सकता है. यह शिकायत करने पर इन्हीं महिला आरडी अभिकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा तकलीफ मिल सकती है. जिससे यह बर्ताव और इन अभिकर्ताओं से हों गैरवर्तन को रोके और डाककर्मियों को सरकार से वेतन मिलता है. वे यह न भूले की वे अभिकर्ता और खातेदारों संबंधित कार्य के लिए आता है तो कार्यालय समय में वह करना ही उनका अहम कर्तव्य होता है, नाहीं उन्हें तकलीफ देना. जिससे इस काऊंटर पर जिस कर्मी ड्यूटी पर बिठाया जाता है तो उन्हें उनके दिए गए समय में अच्छी सुविधा देना इन कर्मियों का काम है. कामकाज के समय अच्छा बर्ताव और अच्छी सुविधा ही इस काम को और बड़ा स्वरूप दे सकता है. जिससे इस बात को गंभीरता से लेकर इन महिला अभिकर्ताओं को हों रही त्रासदी से निपटारा मिलना चाहिए, ऐसी मांग मुख्यडाक घर के आर.डी. महिला अभिकर्ताओं ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में की है.

इस समय जिलाधिकारी बाहर दौरे पर होने से यह ज्ञापन आरडीसी राजेश खवले को सौंपा गया. इस समय डाकविभाग के आरडी महिला अभिकर्ताओं में सोनाली विवेक गंधेवार, इंदु विमल गिते, शोभा गिड, कविता काले, प्रमिला लहेकर, रंजना चांदुरे, दिपली घावडे उपस्थित थी. इन आर.डी. महिला अभिकर्ताओं में वैशाली नखाते, नीता टेंमरे, वी.बी. नन्नावरे, शुभांगी बनगिनवार, निर्मला वंजारी, दर्शना सोनटक्के, निलिमा डोंगरे, एस.एन. लालवाणी, मनीषा देशमुख, वर्षा कु:हाड़कर, नंदा येरावार, उषा शर्मा, कविता रायपुरे, इंदिरा आढव, शोभा दुधे, मंगला कापसे, लता गोल्हर,  उषा बारेकर, निलिमा गंधेवार, वैशाली आठवले, शांता पेंदोर, मीना पिल्लारे,  कुंदा धोबे, अफरोज फिरोज पोपटिया, मंजुषा कोट्टावार, मिरा अग्रवाल,  बेबीताई भोयर, डी.आर. राऊत, साधना ऋषी, एस.आर. मिश्रा, एम.डी.  कुंभारखाने, सुप्रिया प्रधान, मिस. नवीन लालवानी,  जी.ए. नगराले, शुभांगी  गनशेट्टीवार, माधुरी अशोक लोखंडे, मायादेवी साबले, लता नडे, माधुरी  देशमुख, कल्पना घनमोडे, सरोजबेन पटेल, शोभा नारसे, माया ठाकरे, मंदा दुरतकर, संगीता  जयसिंगपुरे, ममता राजा, वंदना काले, विमल खसाले, पुष्पा  पुरानीक, पुष्पा परेकर आदि ने भी की है.

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