Published On : Thu, Mar 19th, 2015

माहुर नगराध्यक्ष गौतमी कांबले एसीबी के जाल में फंसी


रिश्वत प्रतिबंधक ब्यूरो नांदेड़ की कार्रवाई

gautami kamble
माहुर (यवतमाल)। माहुर नगराध्यक्ष गौतमी कांबले के खिलाफ नांदेड़ रिश्वत प्रतिबंधक  ब्यूरो ने कार्रवाई की है. रिश्वत मांगने के मामले में जांच के करने के बाद गवाहों से की गई पूछताछ में रिश्वत मांगी थी, यह बात साबित होने से माहुर पुलिस थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून 1988 की धारा 7 के अनुसार गुनाह दर्ज किया है. इस  घटना से माहुर और नांदेड़ की राजनीति में खलबली मच गई है.

10 हजार में से बचे 3 हजार की रिश्वत मोबाईल से एसएमएस कर मांगी थी. यह बात सबूत के साथ शिकायतकर्ता ने दी है. जिससे नगराध्यक्ष रहते समय गौतमी ने पुरुषों से भी ज्यादा भ्रष्टाचार करने की चर्चा है. उन्होंने 11 और 12 फरवरी को मोबाईल से एसएमएस भेजकर 3 हजार रुपए नगर परिषद के  लर्क सिड़ाम के पास लाकर दें, अन्यथा भगत के घरकुल का अनुदान नहीं दिया जाएगा, ऐसी धमकी दी थी. यह एसएमएस गौतमी कांबले के मो.नं. 9922662715 से भेजा गया था. 18 फरवरी को केशव भगत और आकाश कांबले ने नांदेड़ के रिश्वत प्रतिबंधक ब्यूरों में शिकायत दर्ज की थी. 20 फरवरी को न.प. की सर्वसाधारण सभा थी. बची हुई राशि 3 हजार रुपए देने के लिए शिकायतकर्ता गया था. उस समय गौतमी ने यहां सीसीटीवी है, राशि घर लाकर दें. ऐसा बताया. उसका व्हाईस रिकार्ड भी किया गया. रंगेहाथ गौतमी को पकड़ा नहीं गया. मगर आज उसके खिलाफ गुनाह दर्ज किया गया है. अब उनके विकासकामों और दिए गए ठेकेदारों तथा उनके बैंक खाते की जानकारी ली जा रही है. कांग्रेस की नगराध्यक्ष के रूप में वह कार्यरत थी. यह कार्रवाई रिश्वत प्रतिबंधक  ब्यूरो के डीवाईएसपी एम.जी. पठान ने की है. पीआई दयानंद सरवदे, सिपाही अशोक देशमुख, चंद्रकांत कदम, वामन कोकाटे, व्यंकट शिंदे, विनोद साखरकर, महिला सिपाही रत्नपारखे, शेख अन्वर, अनिल कदम आदि का समावेश था.