Published On : Tue, May 26th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

आईपीएल सट्टेबाजी का अंडरवर्ल्ड: नागपुर में बढ़ रहे कर्ज, धमकी और अपराध

हार चुके “फंटरों” पर कर्ज का दबाव, वसूली गैंग सक्रिय; नागपुर समेत देशभर में बढ़ सकता है अपराध

देशभर में चल रहा आईपीएल अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। मैदान पर क्रिकेट का रोमांच चरम पर है, लेकिन इसके साथ ही सट्टेबाजी का अवैध कारोबार भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। करोड़ों रुपये के दांव, ऑनलाइन नेटवर्क और कर्ज में डूबे फंटर अब कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

आज RCB vs GT  के मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार में भारी हलचल देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार कई शहरों में खुले तौर पर बेंगलुरु के पक्ष में “भाव” चल रहा है और लाखों-करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा लगाया जा रहा है।

आईपीएल बना “जुए की अर्थव्यवस्था”

सूत्रों के मुताबिक नागपुर समेत देश के कई हिस्सों में आईपीएल अब सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रहा, बल्कि एक समानांतर “जुए की अर्थव्यवस्था” में बदल चुका है। छोटे फंटरों से लेकर बड़े बुकी तक करोड़ों के इस खेल में शामिल हैं। कई लोगों ने दांव लगाने के लिए घर, जमीन, गाड़ी और जेवर तक गिरवी रख दिए।

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May 27- 2026 - Time 10.30Hrs
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अब जैसे-जैसे टूर्नामेंट खत्म होने के करीब पहुंच रहा है, वैसे-वैसे हार चुके लोगों पर कर्ज और वसूली का दबाव बढ़ता जा रहा है।

मैच खत्म, असली डर शुरू

अपराध विशेषज्ञों के मुताबिक मैच खत्म होने के बाद वसूली का खेल शुरू होता है। हारने वाले फंटरों से रकम निकालने के लिए गैंग सक्रिय हो जाते हैं। धमकी, ब्लैकमेलिंग, मारपीट और अपहरण जैसे मामलों का खतरा बढ़ जाता है।

सूत्रों का दावा है कि कई लोग कर्ज चुकाने के लिए अब अवैध गतिविधियों की तरफ बढ़ रहे हैं। कहीं फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, तो कहीं संपत्ति के नाम पर धोखाधड़ी की कोशिशें हो रही हैं। कुछ मामलों में अपराधी गिरोहों से संपर्क बढ़ने और सुपारी जैसे गंभीर अपराधों की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।

“ऑनलाइन गेमिंग” के नाम पर फैल रहा नेटवर्क

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के बीच स्पष्ट कानूनी सीमा तय न होने का फायदा अवैध सट्टा नेटवर्क उठा रहे हैं। मोबाइल एप, फर्जी आईडी, डिजिटल पेमेंट और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रोज करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा है।

युवाओं में तेजी से बढ़ रही इस लत को लेकर भी चिंता बढ़ी है। हार के बाद मानसिक दबाव, आर्थिक संकट और सामाजिक तनाव कई लोगों को अपराध या आत्मघाती कदमों की ओर धकेल रहा है।

पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

नागपुर समेत कई शहरों में पुलिस द्वारा समय-समय पर सट्टा अड्डों पर छापेमारी की जाती है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों रुपये के इस नेटवर्क की जड़ तक कार्रवाई क्यों नहीं पहुंच पाती।

शहर में चर्चा है कि छोटे स्तर के बुकी पकड़ में आते हैं, जबकि बड़े नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं। सूत्रों का दावा है कि आईपीएल सीजन के दौरान कई इलाकों में रातभर ऑनलाइन और फोन कॉल के जरिए सट्टेबाजी का कारोबार चलता रहा।

आने वाले दिन बन सकते हैं चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल खत्म होने के बाद आर्थिक अपराध, साइबर फ्रॉड और हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। कर्ज, धमकी और सामाजिक दबाव के चलते आत्महत्या जैसे मामलों की आशंका भी बढ़ रही है।

क्रिकेट करोड़ों लोगों के लिए मनोरंजन का माध्यम हो सकता है, लेकिन इसके पीछे चल रहा सट्टेबाजी का अंधेरा खेल अब कई परिवारों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि तेजी से फैलता सामाजिक और आपराधिक संकट बनता जा रहा है।

… रविकांत कांबले

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