Published On : Mon, Oct 27th, 2014

कोरपना : कपास को लेकर किसान बेहाल


कोरपना कपास संकलन केंद्र शीघ्र प्रारंभ करने की मांग


cotton farmers
कोरपना (चंद्रपुर)।
प्राकृतिक की  झेलने के बाद अब किसान सरकारी व्यवस्था को लेकर खासे परेशान हो चले हैं. कपास खरीदी प्रारंभ होते करीब एक महीना बीत गया है. किन्तु स्थानीय कोरपना कपास केंद्र अब तक शुरू नहीं किया गया है, इससे किसान अपने माल को लेकर खासे परेशान हैं कि, आखिर वे कपास की बिक्री कहां करें. किसान अब केंद्र शुरू करने को लेकर आंदोलन करने को बाध्य हो गए हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरपना, राजुरा, वरोरा, भद्रवती व जीवती कपास उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं. यहां अतिवृस्तृ के कारण किसानों को अनेकों बार बीज बोन पड़े. वहीं कपास को रोगग्रस्त होने से भी उत्पादन मैं काफी कमी आयी है. इन दिनों कपास के साथ ही सोयाबीन की कीमतें काफी गिर जाने से किसानों को भारी क्षति हो सकती है. सरकारी लेटलतीफी का फ़ायदा अब साहूकारों द्वारा उठाये जा रहे हैं. ज़िले के वणी विभाग के अंतर्गत वरोरा, कोरपना, माढेडी, महाकुर्ला, पांढरकवड़ा, नगरी में कपास केंद्र हैं, किंतु वरोरा व माढेली छोड़कर अब तक किसी भी केंद्र मैं कपास खरीदी शुरू नहीं करने से किसान बेहाल हो गए हैं. परेशान किसानों को वणी अथवा आदिलाबाद के बाज़ारों मैं अपने उत्पादनों को ले जाने को मज़बूर होना पढ़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त चपत लग रही है. इसी सन्दर्भ में किसान अब कपास खरीदी केन्द्रों को यथाशीघ्र खरीदी प्रारंभ  करने की मांग कर रहे हैं अन्यथा आंदोलन करने की चेतावनी दी है.