Published On : Sat, Aug 28th, 2021

विधुत आवास कालोनी की सडकों और इमारतों की हालत जर्जर

नागपुर: महानिर्मिती केंद्र में कार्यरत विधुत विहार कालोनी की सडकों तथा निवासी इमारतों की हालत खराब होने की बजह से कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सडकों में जगह-जगह गड्ढों और उबड खाबड रास्तों से उछलते कूदते वाहनों की हालत बिगडते जा रही है।इतना ही नहीं वाहनों के झटकों के कारण कर्मचारियों मे कमर और हाथ पांव मे दर्द की पीड़ा झेलनी पड़ता रहीं हैं।सबसे अधिक दिक्कतों का सामना विधुत महिला कर्मचारियों को भुगतना पड रहा है। विधुत कर्मियों को ऊर्जा मंत्री डा नितिन राऊत से बडी ही आशा और अपेक्षा थी कि विधुत विहार कालोनी की सडकों की दशा सुधारने का प्रयास किया जाएगा। परंतु कर्मचारियों के सपनों में पानी फिरता नजर आने लगा है।उसी तरह ई टाईप कालोनी की निवासी इमारतों की हालत काफी जरजर्र अवस्था में किसी भी क्षण धराशायी हो सकती है।निवासी इमारतों की दुर्दशा के मद्देनजर अनेक कर्मियों ने इमारतें खाली करके अपने निजी आवास मे रहना बेहतर समझा है।स्थिति के मद्देनजर विधुत केंद्र प्रशासन ने जरजर्र इमारतों की बिजली पानी कनेक्शन बन्द करवाना बेहतर समझा है।

महानिर्मिती मे विकास निधि का अभाव
इस संबंध मे महानिर्मिती के वरिष्ठ अधिकारियों की माने तो वर्तमान परिवेश में विधुत परियोजनाओं की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब चल रही है।पिछली सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधुत आवास कालोनी के विकास के लिए आवश्यक निधि के लिए महाराष्ट्र शासन मंत्रालय मुंबई को प्रस्ताव भेजा था।परंतु वर्तमान की तिकड़ी सरकार ने निधि का अभाव तथा वैश्विक महामारी कोरोना के प्रादुर्भाव और लाकडाऊन का बहाना बतलाकर ऊंट के मुंह में जीरा थमा दिया गया।यानी विकास निधि बहुत ही कम कर दिया गया।नतीजतन कालोनी की जरजर्र इमारतों तथा सडकों की मरम्मत व रखरखाव का अमलीजामा नही पहनाया जा सका है। बताते हैं कि करीबन डेढ हजार सेवानिवृत विधुत कर्मियों के रिक्त पदों को नही भरा गया है।नतीजतन सेवानिवृत कर्मियों ने अपनी निवासी इमारतों को खाली कर दिया है। विकास के अभाव मे कालोनी की सडकों मे जगह-जगह दास और कांटेदार झाड़ ऊग आये हैं।जिसमे जहरीले सांपों और कीडे मकोडों का खतरा उत्पन्न हो गया है।

कालोनी चोर डकैतों जिस्मफरोशियों और शराबियों का अड्डा
विकास निधि का अभाव कालोनी की सुरक्षा दीबार भी जगह-जगह टूट-फूट हो रही है।नतीजतन यहाँ चोर डकैतियों का खतरा उत्पन्न हो गया है।सूत्रों की माने तो खाली पडी इमारतों में रात के समय नकाबपोस जिस्मफरोशियों,शराबियों का हुजुम लगा रहता है।इसके अलावा यहाँ की जरजर्रनुमा इमारतें में लावारिश जानवरों तथा जुंआरियों का अड्डा बन गया है। हालांकि विधुत आवास कालोनी की सुरक्षा के लिए यहां निजी सुरक्षा कंपनियों को ठेका दिया गया है। परंतु कालोनी का रखरखाव और विकास के लिए निधी की जरुरतें महस की जा रही है।तत्संबंध मे कमीशन उगाहीखोर ऊर्जा मंत्रालय मौन साधे हुए निकम्मा साबित हो चुका है।