Published On : Sat, Apr 18th, 2015

सिंदेवाही : डाक के व्यवहार से नागरिकों का नुकसान


सिंदेवाही (चंद्रपुर)।
विज्ञान युग में मोबाइल, कंप्युटर ई-मेल का उपयोग अधिक प्रमाण में किया जाता है. फिर भी अनेक विभाग में डाक कार्यालय का उपयोग अभी तक चल रहा है. लेकिन सिंदेवाडी डाक कार्यालय के व्यवस्थापन से अनेक नागरिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.

पोस्टमैन ने समय पर पत्र नही देने से नौकरी से बेरोजगार को वंचित रहने का समय आने की अनेक घटनाएं सामने आ रही है. लेकिन डाक कार्यालय अपना मिजाज छोड़ने को तैयार नही है. पत्र मिला नही तथा देर से मिला ऐसी अनेक शिकायते मिल रही है. जिससे नागरिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.

गौरतलब है कि सिंदेवाडी के अनेक ट्रैक्टर धारक वनविभाग की ईमारत और बिट यातायात के लिए निविदा भरते है. निविदा मंजूर होने के बाद वनविभाग पत्र भेजता है. सिंदेवाडी के जैसवाल कालोनी के एक ट्रैक्टर धारक ने निविदा भरी थी. निविदा मंजूर हुई लेकिन पत्र न मिलने से मंजूर निविदा गवानी पडी. जैसवाल कालोनी ज्यादा बडी नही है. लेकिन पोस्टमन ने पत्र वनविभाग को वापस भेजा. जिससे ट्रैक्टर धारक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसका जिम्मेदार कौन? भेजे गए पत्र नागरिकों को समय पर क्यों नही मिलते? विज्ञान युग में अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल अधिक प्रमाण में किया जाता है. लेकिन शासन की इसकी ओर अनदेखी हो रही है क्या? ऐसा प्रश्न निर्माण हो रहा है.
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