Published On : Wed, Dec 11th, 2019

Video : डोमेस्टिक इंडस्ट्री के आने से ही MIHAN में उपलब्ध होगा रोजगार- दीपेन अग्रवाल

नागपुर: मिहान MIHAN एसईझेड ( सेज ) स्पेशल इकनोमिक झोन है। यहाँ केवल एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट ही लग सकते है। सेज को बिल्ड करने की जो केंद्र सरकार की पॉलिसी थी वह पूरी तरीके से फेल हो चुकी है। पुरे भारत में जहा जहां एसईझेड ( सेज ) SEZ बने थे उन्होंने अपना अप्रूवल सरेंडर कर दिया है। एसईझेड ( सेज ) को डेवेलोप नहीं किया है। मिहान को राज्य सरकार एसईझेड ( सेज ) के रूप में आगे बढ़ाती चली गई। नागपुर NAGPUR में एक्सपोर्ट यूनिट EXPORT UNIT लगाने के लिए नागपुर में या तो आपके पास रॉ मटेरियल होना चाहिए, या फिर आप सी-पोर्ट के नजदीक होना चाहिए। ताकि आप लॉजिस्टिक में एक्पोर्ट कर सके। लेकिन नागपुर में ऐसा कोई एम्पल रॉ मटेरियल उपलब्ध नहीं है और यहां पर सी-पोर्ट भी नहीं है। दोनों ही तरीकों से एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट को सर्वाइव करने के लिए एक बहोत बड़ा प्रश्न चिन्ह है। यह कहना है चैम्बर ऑफ़ अस्सोसिएशन्स ऑफ़ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल का. वे ‘ नागपुर टुडे ‘ से मिहान के विषय में चर्चा कर रहे थे।.

उन्होंने बताया की मिहान के लिए एक कड़ा निर्णय लेकर एसईझेड ( सेज ) सरेंडर करना चाहिए। मल्टीप्रोड्कट की जगह केवल प्रोडक्ट एसईझेड बनाना चाहिए। बाकी जो इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवेलोप किया है। उस इंफ्रास्ट्रक्चर को युटीलाईज़्ड करने के लिए डोमेस्टिक इंडस्ट्री के लिए वह जगह मुहैय्या करानी चाहिए। इससे यहां इंडस्ट्री आएगी और इंडस्ट्रीलायझेशन बढ़ सकता है।

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करोडो रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग मिहान के लिए हुआ है, इसको लेकर अग्रवाल ने कहा की सेज की रेक्विरेमेंट थी फाइव स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलोप करना। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी काफी प्रयास किये। यहां इंडस्ट्री लाने के लिए। लेकिन इनके इतने प्रयास के बावजूद भी आखिर क्यों इंडस्ट्रीज नहीं आयी। इसपर विचार किया जाना चाहिए। मिहान में फाइव स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। लेकिन एक्सपोर्ट यूनिट यहां नहीं आ सकेंगे। इसके लिए डोमेस्टिक इंडस्ट्रीज को अगर यह इंफ्रास्ट्रक्चर यूज करने के लिए दिया जाए तो जरूर यहां का विकास होगा।

मिहान में रोजगार पर उन्होंने कहा की यूनिट नहीं लगेगी तो रोजगार कहाँ से मिलेगा। प्रोडक्ट स्पेसिफिक सेज यहाँ लगेगा। जैसे आईटी इंडस्ट्री लग सकती है. आईटी इंडस्ट्री में जो रेक्विरेमेंट है. सोफ्ट्वेयर इंजीनियर, कंप्यूटर इंजीनियर के लिए यहाँ रोजगार होगा। लेकिन बाकी फिल्ड के युवाओ को जॉब के लिए नागपुर छोड़कर जाना पड़ रहा है। यह नहीं होना चाहिए, इसके लिए जरुरी है की यहांपर डोमेस्टिक इंडस्ट्री आए। इसके लिए मिहान का जो एरिया है उसको डोमेस्टिक इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध कर दिया जाए। सेज का लाइसेंस सरेंडर किया जाए।

एमआईडीसी पर उन्होंने कहा की बुटीबोरी फाइव स्टार कॉम्प्लेक्स है। बहोत अच्छे तरीके से डेवेलोप हुआ है। आज अगर इंडस्ट्री के लिए वहां जमींन चाहिए तो वहां जमींन नहीं है यह वहां की परिस्थिति है। लेकिन किसी भी शहर या क्षेत्र में इंडस्ट्री के बढ़ावे के लिए पायलट प्रोजेक्ट की जरुरत होती है। उन्होंने बताया की भिलाई में भिलाई स्टील प्लांट पहले बना, इंडस्ट्रीलायझेशन हुआ और उसके बाद वह शहर बसा। नागपुर में ऐसे बड़े पायलट यूनिट की जरुरत है। यह अब तक बुटीबोरी में भी नहीं आया और मिहान में भी नहीं आया। बुटीबोरी में बड़े प्रोजेक्ट के लिए लैंड नहीं है। मिहान में है। इसके लिए सेज का स्टेटस सरेंडर करना चाहिए और इसको डोमेस्टिक इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध कराना चाहिए और उसके बाद यहां पायलट प्रोजेक्ट आएगा और इंडस्ट्रीलायझेशन भी होगा और इंडस्ट्री को बढ़ावा भी मिलेगा।

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