Published On : Mon, Feb 23rd, 2015

पवनी : शिल्पा की हत्या से तनाव


एसडीपीओ के वाहन पर पथराव

tention in pavin Shilpa murder  (2)
पवनी (भंडारा)। भंडारा जिले की पवनी तहसील के वलनी चौरास गांव की ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा शिल्पा जांभुलकर (17) की हत्या से गांव में तनाव निर्माण हो गया था. हत्या के पूरे 36 घंटे बाद उसका शनिवार देर शाम अंतिम संस्कार किया गया. इस अवसर पर वलनी, खैरी दीवान और परिसर के लोगों की भारी भीड उमड पड़ी. शिल्पा का शव आज शाम भंडारा से पुलिस सुरक्षा में वलनी लाकर परिजनों को सौंपा गया. इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद घरवालों ने शिल्पा का शव स्वीकारने से मना कर दिया था. इस दौरान शिल्पा की हत्या के विरोध में आंदोलन के दौरान उग्र भीड को खदेडने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. खैरी दीवान के चौराहे पर नागरिकों ने चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया था. इस मुख्य मार्ग का यातायात सारा दिन ठप रहा. लोग हत्याकांड को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे हैं. लोगों की मांग को देखते हुए यहां के थानेदार का तबादला कर दिया गया है. शिल्पा का शव लाए जाने के साथ ही वलनी पहुंचे पुलिस अधीक्षक कैलास कणसे ने मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और आरोपी को फांसी की सजा मिले इसके लिए मजबूत केस बनाने का आश्‍वासन दिया. उन्होंने वलनी के बीट जमादार फूलचंद मेश्राम को निलंबित करने की घोषणा भी की, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.

वलनी चौराहे पर किए गए चक्का जाम आंदोलन में करीब दो से तीन हजार महिला-पुरुष, युवक शामिल हुए. सडक पर तनस जलाकर मार्ग अवरुद्ध किया गया. इस बीच, यह खबर भी मिली कि आंदोलन की शुरुआत में ही आंदोलनकारियों ने पवनी के एसडीपीओ संतोष कुंभारे के वाहन पर पथराव किया. इसमें वाहन के कांच टूट गए. पुलिस ने हर स्थिति से निपटने की तैयारी की थी. शाम 6 बजे तक शिल्पा का शव भंडारा से वलनी नहीं लाया गया था.

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उल्लेखनीय है कि छात्रा शिल्पा की हत्या को अंजाम देनेवाला आरोपी देवा गभने अक्सर उसके पीछे लगा रहता था. वह जहां-जहां जाती, आरोपी उसके पीछे जाया करता था. दो माह पूर्व शिल्पा के माता-पिता ने उसके खिलाफ पवनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. बताते हैं कि दो दिन पूर्व भी आरोपी ने उसे छेड़ा था, जिसके बाद उसने अपने घरवालो के साथ मिलकर चौक में आरोपी की पिटाई की थी. माना यह भी जा रहा है कि आरोपी ने उसी से क्षुब्ध होकर शिल्पा की हत्या को अंजाम दिया.

गौरतलब है कि मृतक शिल्पा तथा आरोपी देवा में मामा-भांजी का रिश्ता था. ग्राम पंचायत की सराय में शिल्पा की मां की कपडे की दुकान है. आरोपी ने उसकी दुकान से कपडे खरीदे थे, जिसकी उधारी के 485 रुपए आरोपी पर बकाया थे. इससे दोनों में हमेशा विवाद होता था. 22 सितंबर को यह विवाद गांव की महात्मा गांधी विवाद मुक्त समिति के समक्ष सुलझा लिया गया था. इसके लिए आरोपी के पिता ने भी उसे कोसाथा. शिल्पा की हत्या की यह भी एक वजह होने का अनुमान लगाया जा रहा है.