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    Published On : Wed, Jul 15th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    तेजश्विनी बस भी ‘ग्रीन बस’ की राह पर

    १ करोड़ का बकाया,वर्षभर से ऑपरेटर को मासिक भुगतान नहीं किया गया

    नागपुर: मनपा प्रशासन का उत्साह ‘सोडा वॉटर’ की तरह होने का महसूस किया गया.परियोजना लाने में उतनी ही जल्दी करते,शुरू करने के बाद पूर्ण करने या संभालने में उतनी ही लापरवाही बरतते देखें गए.नतीजा परियोजना ठन्डे बस्ते में चली जाती या फिर मनपा अपना आर्थिक नुकसान पर बंद कर देती हैं.ऐसा ही कुछ आलम हैं राज्य सरकार द्वारा दी गई महिला स्पेशल तेजश्विनी बसों का.पिछले वर्ष भर से मनपा प्रशासन ने एक फूटी कौड़ी नहीं दी,ऑपरेटर काफी अड़चन में आ गए,कहीं ऐसा न हो कि वे भी स्कैनिया के ग्रीन बस की भांति अपना कामकाज समेट लें.

    याद रहे कि पिछली राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए स्पेशल बस शुरू करने के लिए विभिन्न मनपाओं को बस खरीदी के लिए अनुदान दिया था.इस क्रम में मनपा को भी साढ़े ९ करोड़ रूपए प्राप्त हुए थे.काफी समय बाद मनपा प्रशासन ने ५ इलेक्ट्रिक बस हैदराबाद की ओलेक्ट्रा कंपनी से खरीदी थी,तय शर्तों के हिसाब से इसी कंपनी को सभी ५ बस संचलन की जिम्मेदारी दी थी.इसके लिए मनपा प्रशासन ने परिवहन विभाग मार्फ़त एक करार कर उन्हें तय शुल्क/किलोमीटर देना तय हुआ था.जिसमें बैटरी चार्जिंग,रखरखाव,चार्जिंग स्टेशन को संभालने,बस चालक का मासिक खर्च का समावेश था.

    कल मनपा मुख्यालय में चर्चा थी कि मनपा प्रशासन ने पिछले एक वर्ष से तेजश्विनी बस के ऑपरेटर को भुगतान नहीं किया जबकि मनपा प्रशासन इन बसों को कोविद-१९ के कार्यों में भी निरंतर इस्तेमाल कर रही हैं.

    ऑपरेटर के बारम्बार गुजारिश के बाद भी परिवहन विभाग मनपायुक्त से चर्चा कर भुगतान करवाने में सहयोग नहीं कर रहा.अगर ऐसा ही आलम रहा तो कहीं ऑपरेटर ने स्वीडन की इथेनॉल से संचालित ग्रीन बस की तरह भी शहर में बसों का संचलन भी बंद कर दिया तो महिला स्पेशल बस की योजना बंद हो जाएंगी। ग्रीन बस का भी मनपा प्रशासन ने करोड़ों का भुगतान रोक दिया था ,केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री के गुजारिश बाद भी मनपा प्रशासन ने भुगतान नहीं किया नतीजा स्कैनिया ने नागपुर में काम बंद सभी 2 दर्जन ग्रीन बसों को अन्य शहरों में संचलन के लिए भेज दिया।

    उल्लेखनीय यह हैं कि ओलेक्ट्रा कंपनी से ही विगत माह मनपा प्रशासन का 40 इलेक्ट्रिक बसों का करार हुआ हैं। इन 40 बसों को एक वर्ष के भीतर उन्हें नागपुर की सड़कों पर उतरना हैं। तेजश्विनी बस संचलन के अनुभव का असर विगत माह हुए नए करार पर पड़ने की चर्चा भी मनपा मुख्यालय में हो रही थी।

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