Published On : Fri, Oct 26th, 2018

बकाया वसूली दस्ते को शिवसैनिक की धमकी : “मैं शिवसेना के नेता का बेटा हूँ”

पथक ने कुछ सामान जपत कर दिया अंतिम मोहलत

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका की जर्जर हालात को पटरी पर लाने के लिए मनपा प्रशासन ने संपत्ति कर के साथ जल कर के बकायेदारों पर ध्यान केंद्रित किया हुआ है. लेकिन दशकों पुराने बकायेदार आसानी से बकाया देने में आनाकानी कर रहे हैं. कुछ तो वसूली दस्ते को धमकाने से भी बाज नहीं आ रहे. ऐसी ही घटना बीते गुरुवार को मंगलवारी ज़ोन अंतर्गत घटना घटी.

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जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ माह से मंगलवारी ज़ोन बकाया सम्पत्तिकर धारकों पर रोजाना कार्रवाई कर रही है. इस क्रम में बीते गुरुवार को दुर्गा माता मंदिर चौक के पास घर क्रमांक ७८४ पर कार्रवाई करने जोन का दस्ता पहुंचा. इन पर वर्ष २०१२ से २०१८ तक ६,३४,१६५ रुपए बकाया था. इस मकान में बनी दुकान से जब बकाया राशि जमा करने की मांग की गई तो दुकानदार ने खुद को शिवसेना नेता का पुत्र बतलाकर धमकी दे डाली. इतना ही नहीं पथक को चलता करने के लिए इधर-उधर फ़ोन करना शुरू कर दिया.

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इस बीच मुस्तैद ज़ोन के दस्ते ने कार्रवाई पर अडिग रहने का तय किया तो नेता के बेटे ने कुछ मोहलत माँगी. ज़ोन का दस्ता प्रमुख ने दुकान से डेल का कम्प्यूटर, इंटेक्स का सीपीयू, उषा का कूलर जप्त कर नियत समय देकर लौट गई. यह भी चेतावनी दी गई कि अंतिम मौके तक पूरा बकाया नहीं भरने पर बड़ी कार्रवाई कर दुकान सील कर दी जाएगी.

उल्लेखनीय यह है कि मनपा का संचालन प्रशासन और पदाधिकारी पिछले कुछ वर्षों तक चुंगी से होने वाली आवक से करने में मदमस्त थे. अब जबकि चुंगी, एलबीटी बंद हो गई, मनपा कड़की में आ गई. तो मनपा के पदाधिकारी और अधिकारी संपत्ति व जल कर के बकायेदारों पर जोर मार रहे हैं. क्यूंकि संपत्ति और जल कर का बकाया पिछले २-३ दशक पूर्व से बढ़ता-बढ़ता आज सर चढ़ के बोलने लगा. पिछले ३ दशक में संपत्ति और जल कर की बकाया फेरहिस्त में बढ़ोतरी के जिम्मेदार मनपा प्रशासन, पदाधिकारी और तत्कालीन सम्पत्तिकर विभाग के अधिकारी-कर्मी हैं. जो खुद कमा कर चलते बने और मनपा को बदहाल छोड़ दिया. इसलिए आज के वसूली पथक को उम्मीद के अनुरूप सफलता नहीं मिल रही.

कल गुरुवार की शाम ५ बजे के आसपास मनपा के प्रभारी आयुक्त रवींद्र ठाकरे ने मंगलवारी ज़ोन में बकाया व चालू कर संकलन सम्बन्धी अहम बैठक ली जिसमें वस्तुस्थिति से रू-ब-रू होने के बाद उचित मार्गदर्शन के साथ निर्देश जारी किए.

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