Published On : Sat, Feb 16th, 2019

ताजश्री ऑटोमोबाइल में ग्राहकों से धोखाधड़ी

सर्विसिंग के नाम पर पहले गाड़ी बिगाड़ी फिर सामान बदलने का डाला जा रहा दबाव

नागपुर: ताजश्री समूह का विवादों से नाता टूटने का नाम नहीं ले रहा. कभी वासनकर से जोड़ा जा रहा तो कभी ऑटोमोबाइल के नाम पर ग्राहकों से धोखाधड़ी की जा रही.

मिली जानकारी के अनुसार ताजश्री समूह के देवनगर शोरूम से २ वर्ष पूर्व एक ग्राहक ने एक्टिवा (१२५ सीसी) खरीदी थी. तब से वर्ष में ३ से ४ बार सर्विसिंग यहीं से करवाया. पिछले १४ फरवरी को सुबह पुनः सर्विसिंग के लिए गाड़ी दी गई. गाड़ी शाम को देने का वादा किया गया, लेकिन शाम को संदेशा आया कि गाड़ी के हैंडल में अड़चन है इसलिए कल अर्थात १५ फरवरी को दोपहर १२ बजे गाड़ी दी जाएंगी. जब १ बजे ग्राहक शोरूम पहुंचा तो गाड़ी जस के तस दिखी. गाड़ी में कुछ भी सुधार नहीं गया था. ग्राहक की सुनवाई किसी ने न सुनी. ३ घंटे ग्राहक का खराब करने के बाद लगभग ४ बजे जैसे तैसे गाड़ी थमा दी गई. गाड़ी ले कर लौटते वक़्त गाड़ी से काफी आवाज आने लगी. कोराडी मार्ग पर एक मैकेनिक की सहायता से एक बोल्ट लगवाया लेकिन आवाज बंद नहीं हुई. कम्पन भी आने लगी, चलाने में हाथ पर भार पड़ने लगा, गाड़ी स्टार्टिंग में भी परेशानी होने लगी. इतनी सारी दिक्कतों के बाद तीसरे दिन १६ फरवरी की दोपहर १२ बजे ग्राहक फिर सर्विस स्टेशन पहुंचा. अपनी समस्या से अवगत करवाया. कर्मचारी ने गाड़ी का ट्रायल भी लिया, उन्हें भी समस्या जायज लगी. फिर कौन सुधरेगा इस पर आधा – पौन घंटा फिर खराब करने के बाद ग्राहक को सुझाव दिया गया कि पार्ट खराब हुआ है, नया लगाना पड़ेगा.

सवाल यह उठता है कि गाड़ी का पार्ट कब खराब हुआ और मरम्मत किसने और कब की. याने जब सर्विसिंग के लिए ग्राहक गाड़ी उनके विश्वास पर छोड़ता है तो ताजश्री के कर्मी लापरवाही बरत कर ग्राहकों की गाड़ी से छेड़छाड़ करते हैं. फिर अपने बचाव के लिए मरम्मत कर मामला रफा दफा कर देते.

समाचार लिखे जाने तक पिछले २ घंटे से ग्राहक शोरूम के सर्विस स्टेशन में बैठा है जिसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही.