नागपुर: ताजबाग क्षेत्र में बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया है। दोनों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बालगृह में दाखिल किया गया है, जहां उनके पुनर्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ताजबाग क्षेत्र के होटल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कम उम्र के बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के निर्देश पर संयुक्त जांच और बचाव अभियान चलाया गया।
इस अभियान में सक्करदरा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों की टीम ने भाग लिया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जहां दो नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में लिया।
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में दोनों बच्चों को विशेष देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला पाया गया। इसके बाद उन्हें मान्यता प्राप्त बालगृह में भेजा गया, जहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, समुपदेशन (काउंसलिंग) और पारिवारिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बच्चों के अधिकारों का हनन है बाल मजदूरी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल मजदूरी केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन के अधिकारों का भी हनन है। ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में काम करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
यह विशेष अभियान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी साधना ठोंबरे, चाइल्ड हेल्पलाइन के अनिकेत भिवगडे, मीनाक्षी धलाले और विकी डहारे, न्यू विजन फाउंडेशन की प्रियंका होठे तथा ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की रूपाली वानखेड़े ने सक्रिय भूमिका निभाई।
भविष्य में होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि ताजबाग दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान चलाए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ प्रतिष्ठानों में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी होटल, दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नाबालिग बच्चों से काम कराते हुए पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि बाल मजदूरी मुक्त समाज का निर्माण और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।







