Published On : Fri, Jan 16th, 2015

अकोला : कई सवालों के साथ सुयश का शव मिला दुर्ग के हॉटल में


13 जनवरी से उद्यमी का पुत्र था लापता

अकोला। के विख्यात उद्योगपति जयंत पडगिलवार के 29 वर्षीय बेटे सुयश का आज तीसरे दिन पता चला है. सुयश 13 जनवरी की दोपहर 12 बजे से घर से लापता था. छत्तीसगढ के दुर्ग शहर स्थित होटल कुणाल में सुयश का शव पंखे सेलटकी हुई अवस्था में पाया गया है. इस संदर्भ में दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाने की ओर से उसके परिजनों तथा रामदास पेठ पुलिस को सूचित कर दिया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही पडगिलवार के आवास पर देर रात तक उनके समर्थकों एवं सुयश के चाहनेवालों का हुजूम लगा रहा.

प्राप्त जानकारी अनुसार अकोला के औद्योगिक क्षेत्र के फेज 4 में जे.एस. कार्पोरेशन नाम से जयंत सूर्यकांत पडगिलवार की कृषि से संबंधित औजार व सामग्री बनाने की फैक्टरी है, जिसमें विख्यात पुष्पक थ्रेशर बनाए जाते हैं. यह फैक्टरी जयंत पडगिलवार तथा उनका बेटा सुयश संभालते हैं. विगत 13 जनवरी की दोपहर 12 बजे से सुयश लापता था. जानकारी के अनुसार वह अपनी लाल रंग की सेंट्रो कार क्रमांक एमएच-30 पी -3338 से निकला था. मंगलवार को उसने दोपहर 12:15 बजे पिता से मोबाइल पर बातचीत की थी, लेकिन उसके बाद सुयश का मोबाइल बंद हो गया था. सायंकाल तक घर न पहुंचने के बाद परिजनों ने पूछताछ की. अंतत: पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. पडगिलवार परिवार की ओर से की गई शिकायत के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि कहीं सुयश का अपहरण तो नहीं किया गया? इसी आशंका के कारण संभावनाओं को तलाशने हेतु पुलिस के जांच दल गठित कर अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना किए गए थे. दौरान सुयश के मोबाईल के काल डाटा विवरण से उसके दुर्ग परिसर में होने का पता लगा. बुधवार रात 9:40 बजे छत्तीसगढ के शहर दुर्ग में रेल्वे स्टेशन के ग्रीन चौक समीप होटल कुणाल में पहुंचा और प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर 105 बुक किया. होटल के रजिस्टर में उसने अपना पूरा नाम, पता आदि दर्ज करवाया.

दुर्ग आने के कारण में व्यावसायिक कारण बताते हुए उसने कमरा लिया. रात 10 बजे वह कमरे में गया. गुरूवार सुबह 7 बजे होटल साफ करनेवाली महिला को कमरा नंबर 105 बंद मिला, लेकिन उसनेध्यान नहीं दिया. सायंकाल 6 बजे जब वह फिर कमरा साफ करने पहुंची तब भी कमरा बंद होने के कारण महिला सफाई कर्मी ने इसकी जानकारी व्यवस्थापक को दी. जिसके बाद होटल कुणाल के व्यवस्थापक ने मोहन नगर पुलिस थाने को सूचना दी. पुलिस की उपस्थिती में दुसरी चाभी से कमरा खोला गया. कमरे का दृश्य देखकर सभी भौंचक रह गए. पुलिस सम्भावना व्यक्त कर रही है कि सुयश ने होटल की सपेâद रंग की चादर को कमरे के पंखे में लपेटकर खुदकुशी की होगी. उसके कमरे से पुलिस को एक मोबाइल, वोटर आईडी कार्ड, नगद रूपए मिले है. पहचान पत्र पर लिखे पते के आधार पर पुलिस ने सुयश के चाचा से सीधे बात की, ऐसी जनकारी मोहन नगर थाना इंचार्ज ने दी. क्युंकि मृतक के परिवार का कोई सदस्य उस समय मौजूद नही था इसलिए कमरे को सील कर पुलिस ने मर्ग कायम किया है. शुक्रवार सुबह कमरे की तलाशी एवं पडताल की जाएगी.

आरंभिक जानकारी में पुलिस ने बताया कि फिलहाल यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन जांच के बाद ही कुछ कहना संभव हो सकेगा. सुयश की पहचान के संदर्भ में पुलिस ने बताया कि उसके मतदाता पहचानपत्र के आधार पर उसकी शिनाख्त की गई है.

सुयश क्यों गया दुर्ग?
पडगिलवार परिवार के अनुसार सुयश अचानक क्यों गायब हुआ इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसका झगडा या घर में विवाद नहीं हुआ था. ऐसे में उसके अकोला से बाहर जाने के पिछे क्या मकसद है ? इसको लेकर पुलिस तथा स्वयं परिजन परेशान हैं. यदि असे आत्महत्या करनी थी तो इतनी दूर जाने की क्या आवश्यकता पडी ? उसने स्वयं खुदकुशी की या किन्हीं कारणों से उसे खुदकुशी के लिए बाध्य किया गया ? ऐसे कई सवाल इस घटना से उठ खडे हो रहे है, जिसका जवाब मोहन नगर पुलिस एवं अकोला की रामदास पेठ पुलिस की जांच के बाद ही मिल सकेंगा.

Representational Pic

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