Published On : Mon, Feb 3rd, 2020

छात्रो में प्रचंड क्षमता एवं गुणो का भंडार होता है: डाॅ, एस एन पटवे

नागपुर: वाठोडा ले आऊट स्थित हमारी पाठशाला विद्यामंदिर तथा अरिहंत पब्लिक स्कूल का हाल ही में संयुक्त वार्षिक स्नेह सम्मेलन संपन्न हुआ ।स्नेह सम्मेलन का उद्घाटन डाॅ शिवलिंग पटवे जिला शिक्षणाधिकारी (माध्य ) जिला परिषद नागपुर ने कीया ।डा पटवे ने अपनें उद्बोधन मे कहा की प्रत्येक विद्यार्थी में प्रचंड क्षमता होती है तथा उनमें गुणों का भंडार होता है। उसे पहीचानना तथा कुशलता पूर्वक अभियोग्यता विद्यार्थी मे निर्माण करना यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षक पर होती है। अपने पाल्यों के प्रति अभिभावक सजग रहे ।

उनकी अध्ययन प्रक्रिया का हिस्सा बनें । ऊनकी अभिरूची के अनुसार उन्हें पाठ्यक्रम का चुनाव करने का अवसर दे। डाॅ, पटवे का शाला संचालक राजेंद्र नखाते तथा संचालक मंडल द्वारा पुष्पगुच्छ-शाॅल-श्रीफळ तथा सन्मान चिन्ह देकर मान्यवरो की उपस्थिती में भावभिना सत्कार किया गया। अध्यक्षता सुरेंद्र नखाते ने की, ह भ प. नारायण नरूले का सपत्निक पुष्पगुच्छ-शाॅल-श्रीफळ तथा विट्ठल रुक्मिणी की मनोहारी मंगल प्रतिमा भेट कर किया गया । शिक्षणाधिकारी डाॅ पटवे ने शाला तथा संस्था के गतिविधियों की सराहना की।

विविध सामाजिक शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि प्रकाश मारवडकर, श्रीकांत धोपाडे, अरविंद हनमंते, शरदचंद्र अवथनकर, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद प्रा सुनिल नायक, प्रधानाध्यापिका मीना नखाते, रमेश उदेपूरकर अतिथि के रूप में मंचपर विराजमान थे।मान्यवरों का परिचय एवं स्वागत भाषण संस्था सचिव राजेंद्र नखाते ने कीया।प्रास्ताविक वृषाली चंदनखेडे ने किया ।सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंचपूजन दिप प्रज्वलन सरोज जैन, जयश्री नखाते , सिद्धांत नखाते, नितिन नखाते तथा डाॅ सिमंधर मारवडकर ने किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश वंदना एवं शिवराज्याभिषेक महानाट्य के सादरीकरण से हुआ । जलसंरक्षण- स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत- बेटी पढाव बेटी बचाव आदि नाटीकाओसहीत विविध नृत्य लावणी, गोंधळ, एतिहासिक लोकगीत, कोळी नृत्य, फोक डान्स आदि ३६ प्रस्तुतियां छात्रों ने दी। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन भक्ति नखाते तथा आभार प्रदर्शन पल्लवी धांडे ने किया । स्नेह सम्मेलन संयोजन समिति प्रमुख सिद्धांत नखाते, विनोद नखाते तथा पराग कोरडे, निलेश मुळे, जयश्री शेंडे, शिला मानकर, गिता सोलव, पुनम पडोळे,चैताली डहाके, वृषाली डहाके, कविता पडोळे, विद्या श्रृंगारे, सारीका महतो, अश्वीनी चंदनबावणे, योगिता कुरटकर तथा सिराज अंसारी ने सफलतार्थ अथक परिश्रम किए।