Published On : Wed, Oct 18th, 2017

एसटी की हड़ताल से निजी ट्रैवल्स की चाँदी


नागपुर: ऐन दीपावली के समय एसटी कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल की वजह से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य भर की तरह नागपुर के 3100 कर्मचारी आंदोलन पर है। मंगलवार से शुरू हड़ताल अब भी जारी है दूसरी तरफ इस आंदोलन की वजह से निजी ट्रैवल्स मालिकों को खुली लूट करने की आज़ादी मिल गयी है। दीपावली के समय यातायात के सभी विकल्पों में ट्रैफिक बढ़ जाता है। नागपुर विदर्भ का केंद्र है इसलिए यहाँ से यात्रियों का आना जाना शुरू रहता है। शहर के एसटी स्टैंड में बसों के पहिये थमे है। गणेशपेठ स्थित बस स्टैंड में बुधवार को निजी ट्रैवल्स को परिचालन को शुरू किया गया। जिससे गुस्साएं एसटी कर्मचारियों ने स्टैंड के दोनों प्रमुख मार्गो में वाहन खड़ा रास्ता बंद कर दिया गया।

शाम होते ही गेट पर लगी बस को हटाने के लिए डिपो मैनेजर ने क्रेन बुलाकर बस हटाने का प्रयास किया जिससे आंदोलनकारी और भड़क गए। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए लगभग दो घंटे बाद क्रेन को हटाया गया। इस दौरान कर्मचारियों से बसों और क्रेन में चढ़कर प्रदर्शन किया। एक कर्मचारी ने क्रेन के बेल्ट को गले में डालकर आत्महत्या का तक प्रयास किया।

निजी ट्रैवल्स में हो रही खुली लूट
हड़ताल की वजह से निजी ट्रैवल्स मालिकों को चाँदी हो गयी है। प्रवास करने वाले यात्रियों में मनमाना किराया वसूला जा रहा है। दिवाली के समय अपने घर जाने वाले यात्री मनमाना किराया देने को मजबूर हो रहे है। नागपुर से भंडारा के लिए ढाई सौ से तीन सौ जबकि चंद्रपुर के लिए पाँच सौ रूपए तक का किराया वसूला जा रहा है जबकि सामान्य दिनों में वसूला जाने वाला इसके आधे से भी कम होता है। जनता से हो रही लूट और तकलीफ से बचाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश में बाद शहर में सेवा दे रही आपली बस को जिले के बॉर्डर तक परिचालन का आदेश दिया गया है। जिले में कर्मचारी इसका भी विरोध कर रहे है। नागपुर से रामटेक गई मनपा की एक बस के पहियों की एसटी स्टैंड पर कर्मचारियों ने हवा निकाल दी।