Published On : Tue, Mar 6th, 2018

श्रीलंका में मुस्लिम-बौद्धों के बीच हिंसक झड़प के बाद इमरजेंसी का ऐलान

Sri Lanka
कोलंबो: श्रीलंका की सरकार ने देश में 10 दिन की इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है। इसके पीछे मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के बीच फैल रहे तनाव को वजह बताया गया है।

मंगलवार को एक सरकारी अफसर ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि देश में बौद्ध-मुस्लिम समुदाय के बीच बढ़ रहे तनाव की वजह से ऐसा किया जा रहा है। प्रवक्ता दयासिरि जयशेखरा ने रॉयटर्स को बताया, ‘एक विशेष कैबिनेट मीटिंग में 10 दिन के लिए इमरजेंसी घोषित करने का फैसला लिया गया है ताकि सांप्रदायिक दंगों को देश के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोका जा सके।’ उन्होंने यह भी बताया, ‘ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्स ऐक्शन लिए जाने का फैसला हुआ है जो फेसबुक के जरिए हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।’

पिछले कुछ सालों से श्रीलंका में दो समुदायों के बीच तनाव चल रहा है। बौद्ध लोगों द्वारा मुस्लिमों पर आरोप लगाया जाता रहा है कि वे लोगों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं और बौद्ध पुरातात्विक स्थलों को तोड़ रहे हैं। बौद्ध श्रीलंका में शरण ले रहे रोहिंग्याओं के भी खिलाफ हैं। इमरजेंसी लगाने का फैसला कैबिनेट की विशेष मीटिंग में किया गया है। यह भी तय किया गया है कि जो लोग भी हिंसा करेंगे उनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।

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बता दें कि वहां के कैंडी शहर में एक मुस्लिम परिवार की दुकान में आग लगा दी गई थी, इसके बाद उस इलाके में पुलिस का विशेष दस्ता और सेना को भेजा गया, इसी के बाद आपातकाल की घोषणा हुई। श्रीलंकाई मीडिया के मुताबिक, कैंडी जिले में सोमवार शाम हिंसा भड़कने के बाद आज इस इलाके में सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। कुछ प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू की समयसीमा बढ़ाकर आज शाम तक कर दी गई है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को पानी की बौछार के साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। श्रीलंकाई मंत्रियों के मुताबिक फिलहाल यह इमरजेंसी 10 दिनों के लिए है लेकिन अगर स्थिति सुधरती नहीं है तो राष्ट्रपति इसको आगे भी बढ़ा सकते हैं।

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