Published On : Wed, Dec 3rd, 2014

उमरखेड़ : पर्यावरण विभाग की इजाजत बगैर मिट्टी उत्खनन

 

  • ईंट भट्ठी व्यवसायी-महसूल व वन विभाग के बीच साठगांठ का आरोप
  • शीघ्र कार्रवाई न किए जाने पर हो सकती हैं बड़ी दुर्घटनाएं
  • पेय जल समस्या से जूझ रहा है उमरखेड़

उमरखेड़ (यवतमाल)। पर्यावरण विभाग का लाइसेंस लिए बगैर ईंट भट्ठी व्यवसायी द्वारा अवैध रूप से मिट्टी उत्खनन किए जाने से व्यवसायियों व सरकारी विभागों के बीच साठगांठ के आरोप लग रहे हैं. वहीं क्षेत्र में पेयजल की कमी के बावजूद बिना इजाजत निर्माण कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे हैं. क्षेत्र की जनता को भविष्य पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल उमरखेड़ तालुका में पेय जल की कमी को देखते हुए कई निर्माण कार्य रोक दी गई हैं. नगर पालिका द्वारा ऐसे निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान नहीं कर रही है, जिससे भविष्य में पानी की कमी से दो-चार होना पड़ सकता हो, किन्तु शहर में इन दिनों न.प. की बिना अनुमति लिए बहुदा कार्य किए जा रहे हैं. इसी क्रम में अनेक ईंट भट्ठी व्यवसायी शहर के बाहर रास्ते से व तालुका की सरहद के पास ढाणकी रोड से सटकर वन विभाग व महसूल विभाग के नाक के नीचे से बैलगाड़ी व ट्रैक्टर की सहायता से खुलेआम अवैध रूप से मिट्टी उत्खनन करते देखे जा रहे हैं. इनमें से एक जगह की ईंट भट्ठी व्यवसायी लाइसेंस (अनुमति) लेकर 3-4 जगहों पर ईंट भट्ठी स्थापित कर काम निकाल रहे हैं.

समझा जा रहा है कि इसकी जानकारी होने के बाद भी महसूल विभाग ले-देकर इस अवैध कार्य की ओर अनदेखी कर रहे हैं. ऐसी चर्चा आम नागरिकों में जोरों से की जा रही है. इसलिए माँग की जा रही है कि महसूल विभाग प्रत्येक ईंट व्यवसायिकों की जाँच-पड़ताल करे. साथ ही इनके द्वारा मिट्टी उत्खनन के बाद सड़क किनारे पड़े गड्ढों में दुर्घटनाएं होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इन ईंट भट्ठी व्यवसायियों से महसूल तथा वन विभाग के बीच कोई साठगांठ नहीं है तो इन पर कठोर कार्रवाई कर जुर्माना ठोके, ताकि जनता को असुविधा से बचाया जा सके?

soil excavation