Published On : Mon, Jul 22nd, 2019

…..तो माहभर तक एक दिन आड़ की जाएंगी जलापूर्ति – मनपा

प्रशासन,जलापूर्ति समिति ,ओसीडब्लू की अहम बैठक में लिया गया कठोर निर्णय

नागपुर: वर्षा ऋतु के मौसम में वर्षा न होने के कारण जमा जल अल्प होने के कारण पिछले 15 जुलाई को सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी व जलप्रदाय समिति सभापति प्रदीप पोहाने ने अगले एक सप्ताह में 3 दिन एक दिन आड़ जलापूर्ति करने की घोषणा की थी। यह भी कहा था कि इसके बाद पुनः बैठक लेकर भविष्य की जलापूर्ति संबंधी रणनीति तय की जाएंगी। इस क्रम में आज पुनः मनपा प्रशासन, पदाधिकारियों व ठेकेदार कंपनी ओसीडब्लू के प्रतिनिधियों की अहम बैठक हुई ,जिसमें यह निर्णय लिया गया कि अगले एक माह तक एक दिन आड़ सम्पूर्ण शहर में जलापूर्ति की जाएंगी।

उपमहापौर पारडीकर,स्थाई समिति सभापति पोहाने व जलप्रदाय समिति सभापति झलके ने संयुक्त पत्र परिषद लेकर जानकारी दी कि भविष्य में जलापूर्ति को लेकर सभी पहलुओं पर विचार करते हुए विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह अल्प वर्ष सिर्फ शहर में हुई,जिसके कारण जल संग्रह नहीं हो पाया। इसलिए अगले एक माह 22 अगस्त तक एक दिन आड़ सम्पूर्ण शहर में जलापूर्ति की जाएंगी।इस दौरान प्रत्येक सप्ताह उक्त मुद्दे पर समीक्षा बैठक भी ली जाएंगी। इस बीच उचित व भरपूर वर्ष हुई तो नियमित जलापूर्ति करने का निर्णय लिया जा सकता है। यह भी निर्णय लिया गया कि इस कटौती के दौरान शुल्क लेकर मनपा टैंकर द्वारा जलापूर्ति भी नहीं करेंगी। जिस स्विमिंग टैंक को मनपा जलापूर्ति करती हैं, फिलहाल उसका जलापूर्ति खंडित किया जायेगा।

पिछले 3 दिन की कटौती से अच्छा खासा जल संग्रह हुए,इस कारण ‘डेड स्टॉक’ से पानी लेने की जरूरत नहीं पड़ी। इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर नंदा जिचकर और विपक्ष नेता तानाजी वनवे नदारत थे। जबकि सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी अस्वस्थ्य होने के कारण अनुपस्थित थे। अक़्सर महत्वपूर्ण बैठकों के दौरान महापौर जिचकर यह तो बैठक से दूर रहती हैं या फिर विदेश दौरे पर निकल जाती है। इनके विदेश दौरों से न मनपा और न ही जनता को कोई लाभ आजतक मिला हैं।

यह भी जानकारी दी गई कि सरकारी विभागों को फिर चाहे अस्पताल ही क्यों न हो उन्हें भी कटौती की मार सहनी पड़ेंगी। गत कटौती से अवैध पानी की बर्बादी पर अंकुश देखा गया।

झलके ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जल जैसी महत्पूर्ण मुद्दे पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होंगा और हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएंगी। उल्लेखनीय यह हैं कि एक तरफ जलापूर्ति संबंधी प्रशासन – पदाधिकारियो की गंभीर बैठक चल रही थी तो बाहर मनपा मुख्यालय परिसर में कांग्रेस का हल्ला बोल आंदोलन जारी था, इस आंदोलन से मनपा में विपक्ष नेता का सम्पूर्ण गुट गायब था।