Published On : Sat, Apr 1st, 2017

नागपुर में 200 बैटरी कारों और चार्जिंग स्टेशन लाने पर विचार : नितीन गडकरी

नागपुर: भविष्य में ट्रांस्पोर्ट क्षेत्र में कई बदलाव देखने मिलेंगे। शहरी क्षेत्र के परिहन में भी कई बदलाव किए जाएंगे। इसमें हालही में नागपुर में शुरू की गई 55 बायो फ्यूल आधारित बसें तो हैं ही, साथ ही आनेवाले समय में जल्द ही नागपुर में 200 इलेक्ट्रिक कारों और उनके लिए चार्जिंग स्टेशन्स बनाने की संकल्पा तैयार की गई है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने शनिवार को यह जानकारी दी। वे केंद्रीय सड़क परिवहन व महामार्ग मंत्रालय की ओर से रामदेव बाबा इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय हैकेथॉन 2017 प्रतियोगिता’ के दौरान बोल रहे थे। इस प्रतिस्पर्धा के मेगा फाइनल राउंड का उद्घाटन उनके हाथों किया गया।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में सड़क सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दी गई है। इस विधेयक में अवैध ड्रायविंग लाइसेंसों की रोकथाम के लिए ड्रायविंग लाइसेंस बनाने के लिए ई-गवर्नेंस प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्युटराइज्ड होगी। इससे देश भर में एक व्यक्ति केवल एक ही लाइसेंस बना पाएगा। इससे आरटीओ की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनेगी। दिल्ली से मुंबई के दरम्यान पड़नेवाले 28 टोलनाकों को फास्ट ट्रैक में बदले जाने से कई काफी समय यात्रियों का जाता था। आईआईएम कोलकाता और टीसीआई संस्था की ओर से कराए गए सर्वे में पाया गया था कि टोल नाकों में वाहनों के रुकने भर से 80 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

उन्होंने बताया कि देश भर में दुर्घटना प्रवण स्थल अर्थात ब्लैक स्पॉटों की संख्या 786 है। इन ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सड़क पर पार्किंग के साथ सोलर आधारित लाइटिंग व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल को वे जम्मू और कश्मीर में ‘चेन्नई – नौशरी टनल’ का उद्घाटन समारोह में भाग लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस टनल का उद्घाटन होगा। इस 9 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक टनल के माध्यम से 48 का फेरा लगाने से लोग बच जाएंगे। यह टनल पूरी तरह वातानुकूलित रहेगी जहां गाड़ियों के बीच में खराब होने पर उसे तुरंत साइड में हटाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस टनल से जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी करीब दो घंटे सड़क माध्यम से कम हो जाएगी।

उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों से कहा कि अध्ययन, अनुसंधान, तकनीक और उद्यमशीलता ज्ञान से आती है। और इस ज्ञान सम्पत्ति में रूपांतरण से ही देश की प्रगति निर्भर है। इस दौरान महाविद्यालय के प्रचार्य आर.एस.पांडे, राष्ट्रीय महामार्ग और मूलभूत सुविधा विकास महामंडल के संचालक संजय जाजू, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के डॉ. दिलीप मालखेडे उपस्थित थे। गडकरी ने कहा कि हैकेथॉन प्रतियोगिता में आए सुझावों और कल्पनाओं को मंत्रालय गंभीरता पूर्वक विचार करने की बात कही।

हैकेथॉन 2017
हैकेथॉन 2017 स्पर्धा देश भर में 26 शहरों में आयोजित की गई है। महाराष्ट्र में केवल दो केंद्रों में यह स्पर्धा आयोजित की गई थी। आरकेएनसी में आयोजित इस मेगा फाइनल राउंड में प्रतिस्पर्धी ट्रांस्पोर्ट मंत्रालय के लिए लगातार 36 घंटे ट्रैवल करने की संकल्पना के लिए आनेवाली समस्याओं का तोड़ निकालेंगे। इसमें तैयार किए गए नए उत्पादों का जानकारों से जांच कर राय बनाई जाएगी। खास यह रहेगी कि इस स्पर्धा के अंतिन पांच ग्रुपों को केंद्रीय भूतल परिवहन व महामार्ग मंत्रालय के साथ काम करने का अवसर प्रदान किया जाएगा साथ ही मंत्रालय द्वारा कल्पित परियोजनाओं पर काम भी करेंगे। मेगा फाइनल राउंड शुरू करने से पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सभी 26 केंद्रों के प्रतिस्पर्धी समूहों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस स्पर्धा में नागपुर केंद्र में देश भर से 84 ग्रुपों से विद्यार्थी, अभियांत्रिकी महाविद्यालय के शिक्षकों, महामार्ग मंत्रालय के अधिकारी, राष्ट्रिय सूचना केंद्र के अधिकारी व अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के पदाधिकारी उपस्थित थे।