Published On : Mon, Jul 15th, 2019

ओबीसी को स्मार्ट सिटी का डिच्चु

Advertisement

पद भर्ती में एससी,एसटी व ओपन को तहरिज

नागपुर: राज्य सरकार का आदेश हैं कि रिक्त पदों की भर्ती करते समय तय आरक्षण के हिसाब से भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए.लेकिन नागपुर की स्मार्ट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी इसे नज़रअंदाज करती दिख रही.हाल ही में उक्त कंपनी ने पद भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया,जिसमें ओबीसी,मराठा सह अन्य आर्थिक रूप से मागासवर्गीय समुदाय को दरकिनार किये जाने की चर्चा हो रही हैं.जिसके कारण स्मार्ट सिटी प्रकल्प प्रबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Advertisement
Advertisement

दूसरी ओर सम्पूर्ण राज्य में आरक्षण के नाम बवाल मचा हुआ हैं.मराठा समाज का विशालकाय आंदोलन के बाद सरकार झुकी और सरकार ने उनको आरक्षण दिया।इन्हें न्यायालय के आदेश पर नौकरी में १३% आरक्षण दिया गया,जबकि आर्थिक रूप से मागासवर्गीय को १०% आरक्षण दिया जा रहा हैं.एससी,एसटी व ओबीसी को पहले से ही आरक्षण दिया जा रहा हैं.

राज्य सरकार ने सभी सरकारी विभाग,महामंडल,स्थानीय स्वराज्य संस्था प्रशासन को आरक्षण के हिसाब से पद भर्ती का निर्देश दिए लेकिन इन्हीं सम्बंधित विभागों द्वारा उसकी अवहेलना की जा रही हैं.इस क्रम में मनपा के अधीनस्त स्मार्ट सिटी कंपनी ने ८ जुलाई को १३ विभिन्न पद भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किये।जिसके लिए आवेदन करने के लिए ३१ जुलाई तक आखिरी तारीख दी गई हैं.इन १३ पदों में से ३ पद एससी,१ पद एसटी तो शेष ९ पद ओपन श्रेणी के तहत भरे जायेंगे।शासन का हाल ही का आदेश हैं कि मराठा,ओबीसी सहित आर्थिक रूप से मागासवर्गीय को भी उनके अनुपात से आरक्षण पद भर्ती में मिलना चाहिए,लेकिन स्मार्ट सिटी प्रकल्प प्रबंधन ने इसे दरकिनार कर शासन के आदेश की तिलांजलि दे डाली।

उल्लेखनीय यह हैं कि पद भर्ती के वक़्त मागासवर्गीय कक्ष की अनुमति लेनी अनिवार्य होने के बावजूद अनुमति नहीं ली जाने की चर्चा तरह तरह के सवालात खड़े कर रही हैं.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement